उत्तराखंड के पहाड़ों पर बिछेगा रेल का जाल, ये 4 प्रोजेक्ट लाएंगे क्रांति

उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में रेलवे नेटवर्क को मजबूत बनाने की तैयारी तेज हो गई है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और रेलवे बोर्ड के चेयरमैन सतीश कुमार के बीच हुई उच्चस्तरीय बैठक में कई महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई.

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उत्तराखंड: उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में रेलवे नेटवर्क को मजबूत बनाने की तैयारी तेज हो गई है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और रेलवे बोर्ड के चेयरमैन सतीश कुमार के बीच हुई उच्चस्तरीय बैठक में कई महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई. बैठक में पहाड़ों तक रेल पहुंचाने, पर्यटन बढ़ाने और स्थानीय विकास को नई गति देने पर जोर दिया गया.

ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना

सबसे महत्वपूर्ण ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन प्रोजेक्ट को दिसंबर 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यह परियोजना चारधाम यात्रा और पर्यटन को आसान बनाएगी. गढ़वाल क्षेत्र के लोगों को रेल सुविधा मिलने से रोजगार और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा.

ऋषिकेश-उत्तरकाशी रेल लाइन

बैठक में प्रस्तावित ऋषिकेश-उत्तरकाशी रेल लाइन पर भी चर्चा हुई. मुख्यमंत्री ने रेलवे बोर्ड से डीपीआर को जल्द मंजूरी देने और इसे राष्ट्रीय परियोजना घोषित करने का अनुरोध किया. साथ ही पूरी लागत केंद्र सरकार द्वारा वहन करने की मांग की गई. इस लाइन के बनने से उत्तरकाशी जैसे दूरदराज के इलाकों तक पहुंच आसान हो जाएगी.


कुमाऊं क्षेत्र के प्रोजेक्ट

कुमाऊं में टनकपुर-बागेश्वर रेल परियोजना का सर्वेक्षण पूरा हो चुका है और डीपीआर तैयार है. मुख्य सचिव ने डीपीआर को शीघ्र मंजूरी देने का आग्रह किया. इसके अलावा कर्णप्रयाग-बागेश्वर और किच्छा-खटीमा रेल लाइन को भविष्य की जरूरत बताते हुए इन पर तेजी से काम शुरू करने पर जोर दिया गया. इन परियोजनाओं से कुमाऊं के पहाड़ी इलाकों को समतल क्षेत्रों से बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी.

हरिद्वार-देहरादून लाइन का दोहरीकरण

हरिद्वार-देहरादून रेल लाइन को दोहरीकरण करने का काम भी आगे बढ़ाया जाएगा. इससे ट्रेनों की संख्या बढ़ेगी और यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी. 

स्टेशन बनेंगे आधुनिक

रेलवे बोर्ड चेयरमैन ने आश्वासन दिया कि सभी नए और पुराने स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा. इसमें स्वच्छ शौचालय, वेटिंग रूम, लिफ्ट, escalator और बेहतर प्रकाश व्यवस्था शामिल होगी. मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि पहाड़ों में रेल नेटवर्क का विस्तार राज्य की प्राथमिकता है. इससे न सिर्फ तीर्थयात्रियों को सुविधा होगी, बल्कि स्थानीय किसानों, व्यवसायियों और युवाओं को नई संभावनाएं मिलेंगी.