उत्तराखंड में आफत के बीच काम आएंगे ये नंबर, मुसीबत में 1070 पर तुरंत करें कॉल
उत्तराखंड में आपात स्थिति के दौरान लोगों की मदद के लिए देहरादून स्थित राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से संपर्क किया जा सकता है. नागरिक हेल्पलाइन और टोल फ्री नंबर 1070 पर सहायता ले सकते हैं.
उत्तराखंड में बारिश, भूस्खलन, बाढ़ या किसी अन्य आपदा जैसी स्थिति में फंसे लोगों के लिए प्रशासन ने संपर्क के रास्ते उपलब्ध कराए हैं. देहरादून स्थित राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के कई हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं. जरूरत पड़ने पर लोग इन नंबरों पर संपर्क कर अपनी परेशानी बता सकते हैं और मदद मांग सकते हैं. इसके अलावा राज्य का टोल फ्री नंबर 1070 भी उपलब्ध है. आपात स्थिति में सही समय पर सूचना देना राहत पहुंचाने में अहम साबित हो सकता है.
देहरादून केंद्र से ऐसे करें संपर्क
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र, देहरादून से संपर्क करने के लिए 0135-2710334 और 0135-2710335 नंबर उपलब्ध हैं. इन नंबरों के जरिए आपात स्थिति से जुड़ी जानकारी प्रशासन तक पहुंचाई जा सकती है. लोगों को सलाह दी जाती है कि समस्या बताते समय स्थान और स्थिति की स्पष्ट जानकारी दें, ताकि संबंधित एजेंसियों तक सूचना तेजी से पहुंच सके.
इन नंबरों पर भी मिलेगी मदद
इसके अलावा नागरिक 2664314, 2664315 और 2664316 नंबरों पर भी संपर्क कर सकते हैं. ये हेल्पलाइन नंबर आपात परिस्थितियों में सहायता और जरूरी जानकारी हासिल करने के लिए उपयोग किए जा सकते हैं. किसी क्षेत्र में रास्ता बंद होने, जलभराव, भूस्खलन या दूसरी परेशानी की स्थिति में प्रभावित लोग प्रशासन को इसकी सूचना दे सकते हैं.
Also Read
मोबाइल नंबर भी किया गया जारी
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने 8218867005 मोबाइल नंबर भी जारी किया है. जरूरत के समय लोग इस नंबर पर संपर्क कर सकते हैं. आपदा से जुड़ी सूचना देते वक्त घटनास्थल की सही जानकारी देना महत्वपूर्ण है. इससे राहत और बचाव कार्य से जुड़ी टीमों को स्थिति समझने में आसानी होगी और आवश्यक कार्रवाई शुरू करने में मदद मिल सकती है.
टोल फ्री 1070 पर भी करें फोन
आपात स्थिति में लोगों के पास टोल फ्री नंबर 1070 का विकल्प भी मौजूद है. किसी भी गंभीर घटना की जानकारी मिलने पर नागरिक इस नंबर पर संपर्क कर सकते हैं. खासकर ऐसे समय में जब स्थानीय स्तर पर मदद पहुंचने में परेशानी हो, राज्य स्तर की हेल्पलाइन उपयोगी हो सकती है. लोगों को सलाह है कि आपात स्थिति में घबराने के बजाय उपलब्ध आधिकारिक माध्यमों से सूचना दें.