रिश्वत नहीं, प्रतियोगिता का खर्च था मामला! ताइक्वांडो खिलाड़ी विवाद में सामने आए ये तथ्य

ताइक्वांडो खिलाड़ी से जुड़े मामले में सरकार ने कहा है कि इसे रिश्वत मांगने की घटना बताना भ्रामक है. छात्रा निजी संस्था के जरिए अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए चयनित हुई थी.

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Kanhaiya Kumar Jha

देहरादून: उत्तराखंड में ताइक्वांडो खिलाड़ी छात्रा से जुड़े मामले को लेकर उठे विवाद पर अब सरकार की ओर से स्पष्टीकरण सामने आया है. सरकार के मुताबिक, छात्रा ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सामने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए आर्थिक मदद की जरूरत बताई थी. इसके बाद मामले को कुछ लोगों ने कथित रिश्वत मांगने से जोड़ दिया. सरकार का कहना है कि वास्तविक मामला एक निजी संस्था के माध्यम से आयोजित प्रतियोगिता के खर्च से संबंधित है.

युवा संवाद कार्यक्रम के दौरान CNI गर्ल्स स्कूल की एक छात्रा ने मुख्यमंत्री के सामने अपनी परेशानी बताई थी. छात्रा ताइक्वांडो में प्रशिक्षण ले रही थी और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए उसका चयन हुआ था. उसने प्रतियोगिता में जाने के लिए करीब डेढ़ लाख रुपये की जरूरत की बात रखी थी. सरकार के अनुसार, कार्यक्रम के दौरान समय कम होने के कारण छात्रा अपनी पूरी बात विस्तार से नहीं बता सकी, जिससे बाद में मामले को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए.

निजी संस्था के जरिए मिला था प्रशिक्षण

सरकार की ओर से बताया गया है कि छात्रा ताइक्वांडो काउंसिल ऑफ इंडिया नाम की निजी संस्था के माध्यम से प्रशिक्षण प्राप्त कर रही थी. इसी संस्था के माध्यम से उसका अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए चयन हुआ था. इस प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए यात्रा समेत कुल खर्च करीब 3.70 लाख रुपये बताया गया था. सरकार का कहना है कि यह किसी सरकारी चयन प्रक्रिया का हिस्सा नहीं था और प्रतियोगिता में भागीदारी निजी स्तर पर हो रही थी.


संस्था ने उठाने की कही थी इतनी जिम्मेदारी

स्पष्टीकरण के अनुसार, संबंधित निजी संस्था ने छात्रा को आर्थिक सहयोग देने की बात कही थी. संस्था की ओर से करीब 1.70 लाख रुपये का खर्च खुद उठाने का आश्वासन दिया गया था. इसके बाद लगभग 1.50 से 1.60 लाख रुपये की व्यवस्था छात्रा को स्वयं करनी थी. इसी आर्थिक जरूरत को लेकर छात्रा ने मुख्यमंत्री के सामने अपनी बात रखी थी. सरकार का दावा है कि पूरे मामले में किसी सरकारी अधिकारी द्वारा पैसे मांगने की बात सामने नहीं आई है.

अधूरी जानकारी से पैदा हुआ विवाद

सरकार का कहना है कि संवाद कार्यक्रम में छात्रा को अपनी पूरी स्थिति समझाने के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पाया. इसी कारण उसकी बात का संदर्भ स्पष्ट नहीं हो सका. बाद में कुछ राजनीतिक लोगों ने इसे अलग तरीके से पेश किया और कथित तौर पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाया. सरकार ने इस प्रस्तुति को भ्रामक बताते हुए कहा कि छात्रा की जरूरत और सरकारी अधिकारी द्वारा पैसे मांगने के बीच कोई संबंध नहीं है.

प्रतिभा का सम्मान, राजनीति से बचने की अपील

सरकार ने कहा कि छात्रा की खेल प्रतिभा और उसकी चिंता का पूरा सम्मान किया जाना चाहिए. साथ ही किसी बच्चे से जुड़े विषय को राजनीतिक विवाद का रूप देने से पहले तथ्यों की पूरी जानकारी लेना जरूरी है. सरकार का कहना है कि यह मामला निजी संस्था, प्रतियोगिता और उससे जुड़े खर्च का था. ऐसे में अधूरी जानकारी के आधार पर इसे रिश्वत का मामला बताना उचित नहीं है. पूरे प्रकरण को सही संदर्भ में देखने की अपील की गई है.