जिम कार्बेट में पहली बार दिखी अफ्रीका की दुर्लभ नाब बिल्ड डक

वन विभाग अब इस महत्वपूर्ण जानकारी को अंतरराष्ट्रीय ई-बर्ड वेबसाइट पर दर्ज कराएगा. ई-बर्ड दुनिया भर के पक्षी प्रेमियों और विशेषज्ञों के लिए पक्षियों की जानकारी एक जगह रखने का लोकप्रिय प्लेटफॉर्म है. इस रिकॉर्डिंग से क्षेत्र की जैव-विविधता को बढ़ावा मिलेगा.

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रामनगर: जिम कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के लैंडस्केप में खुशखबरी है. अफ्रीका में पाए जाने वाले दुर्लभ नाब बिल्ड डक पक्षी को पहली बार हाथीडगर जलाशय में देखा गया है. यह कॉर्बेट के लिए एक नई खोज है, जिससे वन विभाग काफी उत्साहित है. 

जिम कार्बेट में पहली बार दिखी अफ्रीका की दुर्लभ नाब बिल्ड डक 

वन विभाग अब इस महत्वपूर्ण जानकारी को अंतरराष्ट्रीय ई-बर्ड वेबसाइट पर दर्ज कराएगा. ई-बर्ड दुनिया भर के पक्षी प्रेमियों और विशेषज्ञों के लिए पक्षियों की जानकारी एक जगह रखने का लोकप्रिय प्लेटफॉर्म है. इस रिकॉर्डिंग से क्षेत्र की जैव-विविधता को बढ़ावा मिलेगा. नाब बिल्ड डक एक प्रकार की बतख है. इसका शरीर मजबूत होता है. ऊपरी भाग काला, पंखों पर बैंगनी चमक और नीचे का हिस्सा सफेद होता है. 

नर पक्षी के चोंच पर एक खास उभार होता है, जिसके कारण इसे यह नाम मिला है. यह पक्षी जोड़ों या छोटे समूह में रहता है. कभी-कभी एक नर के साथ 5 मादाएं भी देखी जा सकती हैं. 


हजारों किलोमीटर का सफर

प्रवासी पक्षी भोजन और अच्छे मौसम की तलाश में हजारों किलोमीटर उड़कर आते हैं. हाथीडगर जलाशय इन दिनों इनके लिए आदर्श जगह बन गया है. यहां पानी की प्रचुरता, खूबसूरत वातावरण और भरपूर भोजन उपलब्ध है. ऐसे में ये पक्षी यहां रुककर आराम करते हैं और कुछ समय बिताते हैं.

प्रजनन का मौसम

जून से सितंबर तक इनका प्रजनन काल चलता है. इस समय मादा 7 से 12 अंडे देती है. घोंसला पानी के किनारे घास, जलीय पौधों या पेड़ की टहनियों पर बनाया जाता है. इससे अंडों की सुरक्षा अच्छी रहती है. वन विभाग के अधिकारी बताते हैं कि कार्बेट जैसा संरक्षित क्षेत्र इन दुर्लभ प्रवासी पक्षियों के लिए सुरक्षित ठिकाना साबित हो रहा है. इस खोज से साफ है कि यहां का पर्यावरण स्वस्थ और संतुलित है.