केदारनाथ यात्रा मार्ग पर भूस्खलन से बड़ा हादसा, पत्थर गिरने से 65 वर्षीय यात्री की मौत

उत्तराखंड में भारी बारिश के बीच केदारनाथ यात्रा मार्ग पर रविवार को भूस्खलन की घटना सामने आई. चीरबासा हेलीपैड के पास पहाड़ी से गिरे पत्थरों की चपेट में आने से 65 वर्षीय मदन मोहन तिवारी की मौत हो गई.

ANI
Shanu Sharma

केदारनाथ धाम की यात्रा के दौरान रविवार को चीरबासा हेलीपैड के पास भारी बारिश के बाद भूस्खलन हुआ. इसी दौरान पहाड़ी से कुछ पत्थर नीचे आ गिरे. इनकी चपेट में ऊखीमठ निवासी 65 वर्षीय मदन मोहन तिवारी आ गए. गंभीर रूप से घायल होने के कारण उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया.

राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र ने घटना की पुष्टि की है. हादसे के बाद यात्रा मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन और पुलिस ने सतर्कता बढ़ा दी है.

मलबा जमा होने से रास्ता हुआ बंद

राज्य में लगातार हो रही बारिश के कारण केदारनाथ यात्रा मार्ग पर कई जगह मलबा जमा हो गया है. इसके चलते यात्रियों की आवाजाही प्रभावित हुई है. पुलिस और प्रशासन की टीमें मार्ग की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं. अधिकारियों के अनुसार, रास्ते से मलबा हटाने और मार्ग को सुरक्षित बनाने का काम पूरा होने के बाद ही यात्रियों को आगे बढ़ने की अनुमति दी जाएगी. फिलहाल खराब मौसम और भूस्खलन के खतरे को देखते हुए यात्रा रोकना जरूरी बताया गया है.


प्रशासन ने केदारनाथ की ओर जाने वाले यात्रियों से सोनप्रयाग और गौरीकुंड में ही रुकने की अपील की है. वहीं केदारनाथ से वापस लौट रहे यात्रियों को जंगलचट्टी में ठहरने की सलाह दी गई है. अधिकारियों ने यात्रियों से स्पष्ट कहा है कि जब तक मार्ग से मलबा पूरी तरह नहीं हट जाता और रास्ते को सुरक्षित घोषित नहीं किया जाता, तब तक आगे जाने की कोशिश न करें.

मौसम साफ होने के बाद ही शुरू होगी आवाजाही

प्रशासन के मुताबिक यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है. मौसम में सुधार और यात्रा मार्ग की पूरी तरह जांच के बाद ही आवाजाही दोबारा शुरू करने का निर्णय लिया जाएगा. यात्रियों से अपील की गई है कि वे प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और जोखिम वाले स्थानों पर आगे बढ़ने से बचें. भारी बारिश के बीच पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और पत्थर गिरने की आशंका बनी रहती है. ऐसे में केदारनाथ यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को मौसम और प्रशासन की ताजा जानकारी के अनुसार ही यात्रा करने की सलाह दी गई है.