जनता के द्वार पहुंची धामी सरकार: दफ्तरों के चक्करों से मुक्ति, 65 दिनों में 700 शिविरों से 5 लाख लोगों को राहत
देहरादून के सहसपुर में मुख्यमंत्री ने कहा कि अभियान के पहले चरण में प्रदेशभर में 65 दिनों के दौरान करीब 700 जनसेवा शिविर लगाए गए, जिनमें 5 लाख से अधिक लोगों ने भाग लिया.
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को देहरादून के सहसपुर में आयोजित विशेष जनसेवा शिविर में आम जनता को बड़ी राहत दी है. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अब नागरिकों को अपनी छोटी-बड़ी समस्याओं के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने की बिल्कुल जरूरत नहीं पड़ेगी. सरकार खुद जनता के करीब आकर उनकी शिकायतों का त्वरित समाधान कर रही है. अभियान के पहले चरण में महज 65 दिनों के भीतर पूरे प्रदेश में 700 जनसेवा शिविर लगाए गए, जिसमें 5 लाख से अधिक लोगों ने सहभागिता की.
देहरादून में राहत की बौछार और मौके पर सख्त निर्देश
देहरादून जिले में आयोजित 46 शिविरों में 60 हजार से अधिक लोग पहुंचे, जिनमें से करीब 39 हजार नागरिकों को मौके पर ही विभिन्न कल्याणकारी सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिला. सहसपुर शिविर में एक हजार से ज्यादा लोगों ने अपना पंजीकरण कराया. जनसुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कारबारी ग्रांट में दो महीने के भीतर 30 सोलर लाइट लगाने, जरूरतमंद महिला को तत्काल सिलाई मशीन देने, और सेलाकुई में सड़क-जल निकासी के कार्यों पर फौरन एक्शन लेने को कहा.
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सेवा पखवाड़ा और उत्तराखंड में विकास के नए प्रतिमान
बीती 4 जुलाई से शुरू हुए विशेष सेवा पखवाड़े के तहत अब तक 64 हजार से अधिक नागरिक इन शिविरों का लाभ उठा चुके हैं. इस दौरान मिली 5,567 शिकायतों में से 4,951 का सफलतापूर्वक निपटारा किया जा चुका है. मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यटन के क्षेत्र में नए प्रतिमान स्थापित कर रहा है. सख्त नकल विरोधी कानून के चलते 34 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरियां मिली हैं और समान नागरिक संहिता (UCC) से सामाजिक न्याय सुनिश्चित हुआ है.