देहरादून के मालदेवता में मूसलाधार बारिश का कहर, बह रही सड़कें; कई गांवों का कटा संपर्क
देहरादून में लगातार हो रही भारी बारिश से मालदेवता समेत कई इलाकों में हालात खराब हो गए हैं. कुंड गांव के पास सड़क बहने से कई गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ है.
देहरादून: देहरादून में लगातार दो दिन से हो रही भारी बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. पहाड़ी और मैदानी इलाकों में नदी-नाले उफान पर हैं. कई जगह सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं और भूस्खलन के कारण आवाजाही प्रभावित हुई है. मालदेवता क्षेत्र में बारिश के तेज बहाव से सड़क का बड़ा हिस्सा बह गया, जिससे कई गांवों का संपर्क प्रभावित हो गया है.
मालदेवता से सौंदना गांव होते हुए निर्माणाधीन सांग बांध तक जाने वाली सड़क कुंड गांव के पास भारी बारिश के कारण बह गई. सड़क का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त होने के बाद हिंलासवाली, सौंदना, तौलियाकाटल, रगड़गांव, घुड़सवालगांव, शेरा, पसनी, कुंड और हल्दवाड़ी समेत कई गांवों की आवाजाही प्रभावित हुई है.
सड़क टूटने से ग्रामीणों के सामने रोजमर्रा की आवाजाही के साथ जरूरी सामान पहुंचाने की चुनौती भी खड़ी हो गई है. आपात स्थिति में स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच को लेकर भी लोगों की चिंता बढ़ गई है.
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नदी के तेज बहाव में ग्रामीण मार्ग बहा
सोडा सरोली क्षेत्र में नदी के तेज बहाव के कारण ग्रामीण मार्ग का एक हिस्सा बह गया. मार्ग क्षतिग्रस्त होने के बाद वाहनों की आवाजाही बाधित हो गई है. लगातार बारिश के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों के साथ पुल और पुलियों पर भी खतरा बढ़ गया है.
कौलागढ़ में बारिश का पानी कई घरों में घुस गया. इससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. वहीं मसंदावाला में जंगल से बरसाती नाले का पानी और मलबा आने के कारण लोगों की मुश्किलें बढ़ गईं. कई लोग अपने घरों से बाहर निकलने की स्थिति में नहीं रहे.
टोंस नदी का जलस्तर बढ़ने से मकान पर खतरा
जैंतानवाला की ग्रामसभा दयानगर में भी भारी बारिश के कारण हालात चिंताजनक बने हुए हैं. टोंस नदी का जलस्तर बढ़ने से सुनीता उपाध्याय के मकान पर खतरा मंडरा रहा है. लगातार पानी बढ़ने के कारण मकान के गिरने की आशंका बनी हुई है. प्रभावित परिवार की सुरक्षा को लेकर स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल है.
रिस्पना और बिंदाल नदी में उफान
भारी बारिश का असर देहरादून शहर के कई हिस्सों में दिखाई दे रहा है. रिस्पना और बिंदाल समेत कई नदी-नाले उफान पर हैं. इनके आसपास रहने वाले लोगों को जलभराव और कटाव का खतरा बना हुआ है.
लगातार बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और सड़क टूटने की घटनाओं से लोगों की परेशानी बढ़ रही है. ग्रामीण मार्गों के क्षतिग्रस्त होने से कई गांवों में आवाजाही प्रभावित हुई है. ऐसे में प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को नदी-नालों और कमजोर रास्तों से दूर रहने की जरूरत है.