Dehradun Swine Flu H1N1: आठ नए मरीजों से बढ़ी चिंता, 67 तक पहुंचा आंकड़ा; इन लोगों को सबसे ज्यादा खतरा

देहरादून में स्वाइन फ्लू यानी H1N1 संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं. शुक्रवार को 25 सैंपल की जांच में आठ लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई. इनमें दो मरीज देहरादून और छह दूसरे जिलों के हैं.

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Reepu Kumari

देहरादून: में स्वाइन फ्लू का संक्रमण एक बार फिर चिंता बढ़ा रहा है. शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग ने 25 सैंपल की जांच की, जिनमें आठ लोगों में H1N1 संक्रमण की पुष्टि हुई. नए संक्रमितों में दो देहरादून के हैं, जबकि छह मरीज दूसरे जिलों से संबंधित हैं. सभी संक्रमितों का इलाज निजी अस्पतालों में चल रहा है. राहत की बात यह रही कि शुक्रवार को किसी संक्रमित मरीज की मौत नहीं हुई और एक मरीज उपचार के बाद स्वस्थ हुआ.

67 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव

स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार अब तक H1N1 की जांच के लिए 173 सैंपल लिए जा चुके हैं. इनमें 67 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है. संक्रमितों में 43 देहरादून और 24 दूसरे जिलों के मरीज हैं. चिकित्सकों ने बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पहले से बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है. सर्दी जुकाम, खांसी, बुखार या सांस लेने में परेशानी को नजरअंदाज नहीं करने की अपील की गई है.

जांच में सामने आए संक्रमण के नए मामले

शुक्रवार को हुई जांच में आठ नए मरीज मिलने के बाद H1N1 संक्रमितों की कुल संख्या 67 हो गई है. स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक अब तक 41 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं, जबकि 21 मरीज अस्पतालों में उपचाराधीन हैं. पांच मरीजों की मौत भी दर्ज की गई है. हालांकि इन मौतों की स्थिति ऑडिट के बाद स्पष्ट होगी. विभाग संक्रमण की स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है.


कोविड जांच में नहीं मिला नया संक्रमित

स्वास्थ्य विभाग ने शुक्रवार को कोविड के छह सैंपल भी जांच के लिए लिए, लेकिन इनमें से किसी की रिपोर्ट पॉजिटिव नहीं आई. अब तक कोविड के 116 सैंपल की जांच हो चुकी है, जिनमें 18 संक्रमित मिले हैं. इनमें 15 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं और तीन का इलाज अस्पताल में चल रहा है. फिलहाल कोविड के नए मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता नहीं बढ़ाई है.

इन लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज कुमार शर्मा ने लोगों से अपील की है कि सर्दी जुकाम, खांसी, बुखार या सांस लेने में परेशानी होने पर लापरवाही न बरतें. ऐसे लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है. उन्होंने बुजुर्गों, बच्चों और पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे लोगों को भीड़भाड़ वाली जगहों पर अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी है.

फ्लू से बचने के लिए रोजमर्रा की आदतें बदलें

श्रीमहंत इन्दिरेश अस्पताल के वरिष्ठ पल्मोनोलॉजिस्ट और स्वाइन फ्लू के नोडल अधिकारी प्रो. डॉक्टर जगदीश रावत के अनुसार H1N1 से बचाव के लिए डॉक्टर की सलाह से हर वर्ष फ्लू का टीका लगवाना चाहिए. हाथों को साबुन और पानी से करीब 20 सेकंड तक धोना या सैनिटाइजर का इस्तेमाल करना भी जरूरी है. खांसते या छींकते समय मुंह ढकने और गंदे हाथों से आंख, नाक व मुंह न छूने की सलाह दी गई है.

बच्चों और बुजुर्गों को लेकर रहें ज्यादा सतर्क

विशेषज्ञों के मुताबिक बुजुर्ग, छोटे बच्चे, गर्भवती महिलाएं और हृदय, किडनी, फेफड़े, लिवर या कैंसर जैसी बीमारियों से पीड़ित लोगों को संक्रमण के दौरान ज्यादा सावधानी रखनी चाहिए. कमजोर प्रतिरक्षा वाले मरीजों को भी विशेष सतर्क रहने की जरूरत है. लक्षण दिखाई देने पर खुद से दवा लेने के बजाय चिकित्सक से सलाह लेनी चाहिए और 48 घंटे के भीतर जांच कराने की सलाह दी गई है.

एंटीबायोटिक खुद से लेना पड़ सकता है भारी

H1N1 और मौसमी फ्लू वायरल संक्रमण हैं, इसलिए बिना डॉक्टर की सलाह एंटीबायोटिक लेने से बचना चाहिए. बीमार होने पर घर पर रहना और बच्चों तथा बुजुर्गों के बेहद करीब जाने से बचना बेहतर है. भीड़भाड़ या कम वेंटिलेशन वाली जगहों पर मास्क का इस्तेमाल संक्रमण से बचाव में मदद कर सकता है. नियमित रूप से हाथ धोना और चेहरे को बार बार छूने से बचना भी जरूरी है.