सीएम पुष्कर सिंह धामी ने तोड़ा नारायण दत्त तिवारी का 20 साल पुराना रिकॉर्ड, बने उत्तराखंड के सबसे लंबे कार्यकाल वाले मुख्यमंत्री
पुष्कर सिंह धामी 4 जुलाई 2021 को मुख्यमंत्री बने थे. 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत के बाद उन्हें फिर से मुख्यमंत्री बनाया गया. तब से लगातार वे इस पद पर हैं. चार जुलाई 2026 को उन्होंने पांच साल पूरा करने वाले भाजपा के पहले मुख्यमंत्री बनने का रिकॉर्ड बनाया.
देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक नया इतिहास रच दिया है. उन्होंने राज्य के पहले मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी का सबसे लंबे कार्यकाल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है. शुक्रवार, 10 जुलाई 2026 को धामी के मुख्यमंत्री पद पर रहने के 1832 दिन पूरे हो गए, जो तिवारी जी के 1831 दिनों से ज्यादा है.
CM धामी ने तोड़ा एनडी तिवारी का 20 साल पुराना रिकॉर्ड
नारायण दत्त तिवारी 2 मार्च 2002 को उत्तराखंड के पहले चुने हुए मुख्यमंत्री बने थे. उनका कार्यकाल 7 मार्च 2007 तक चला. इस दौरान वे 1831 दिन पद पर रहे. उन्होंने पूरे पांच साल का कार्यकाल पूरा किया था. अब पुष्कर सिंह धामी ने यह रिकॉर्ड तोड़कर नई मिसाल कायम की है.
धामी ने 1832वें दिन रचा नया इतिहास
पुष्कर सिंह धामी 4 जुलाई 2021 को मुख्यमंत्री बने थे. 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत के बाद उन्हें फिर से मुख्यमंत्री बनाया गया. तब से लगातार वे इस पद पर हैं. चार जुलाई 2026 को उन्होंने पांच साल पूरा करने वाले भाजपा के पहले मुख्यमंत्री बनने का रिकॉर्ड बनाया और अब सिर्फ पांच दिन बाद उन्होंने सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया. इस तरह मात्र पांच दिनों में धामी जी ने दो बड़े रिकॉर्ड बना दिए.
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धामी जी की यह उपलब्धि उत्तराखंड की राजनीति में खास मानी जा रही है. राज्य बनने के बाद से अब तक कई मुख्यमंत्री आए, लेकिन कोई इतने लंबे समय तक पद पर नहीं टिका. एनडी तिवारी के बाद धामी दूसरे ऐसे मुख्यमंत्री बने हैं जिन्होंने लंबा कार्यकाल पूरा किया है.
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री
राज्य में अब तक कांग्रेस के तीन मुख्यमंत्री बन चुके हैं. वहीं भाजपा ने सात मुख्यमंत्री दिए हैं. यह दिखाता है कि भाजपा पिछले कई सालों से राज्य में मजबूत स्थिति में रही है. धामी जी के कार्यकाल में विकास के कई काम हुए हैं. उन्होंने पर्यटन, सड़क निर्माण, शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार पर जोर दिया. युवाओं को रोजगार देने और महिलाओं की सुरक्षा के लिए भी कई योजनाएं शुरू की गईं. पहाड़ी इलाकों में बेहतर कनेक्टिविटी और आपदा प्रबंधन पर खास ध्यान दिया गया.