पौड़ी महोत्सव से विकास को नई रफ्तार, सीएम धामी ने पौड़ी गड़वाल को दी 110 करोड़ की विकास परियोजनाओं की सौगात
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पौड़ी गढ़वाल में जय कंडोलिया पौड़ी महोत्सव-2026 का शुभारंभ किया और 110 करोड़ रुपये की 19 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास कर क्षेत्र के विकास को नई दिशा दी.
पौड़ी गढ़वाल में सोमवार का दिन विकास और सांस्कृतिक उत्साह के नाम रहा. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जय कंडोलिया पौड़ी महोत्सव-2026 का शुभारंभ करते हुए 110 करोड़ रुपये की लागत वाली 19 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया. इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे. मुख्यमंत्री ने क्षेत्रवासियों के आत्मीय स्वागत के लिए आभार जताया और कहा कि सरकार विकास कार्यों को गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए लगातार काम कर रही है.
विकास योजनाओं की बड़ी सौगात
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन परियोजनाओं का शुभारंभ और शिलान्यास किया गया है, वे आने वाले समय में पौड़ी जनपद की तस्वीर बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी. सड़क, आधारभूत सुविधाओं और जनकल्याण से जुड़ी इन योजनाओं से स्थानीय लोगों को सीधा लाभ मिलेगा. उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल घोषणाएं करना नहीं, बल्कि विकास कार्यों को समय पर पूरा करना है. इसी सोच के साथ प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में लगातार नई परियोजनाएं शुरू की जा रही हैं ताकि लोगों के जीवन स्तर में सुधार हो सके.
रोजगार से बदल रही तस्वीर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में रोजगार और स्वरोजगार के अवसर लगातार बढ़ाए जा रहे हैं. इसका सकारात्मक असर अब गांवों में भी दिखाई देने लगा है. उन्होंने कहा कि कई युवा अब शहरों की ओर जाने के बजाय अपने गांवों में रहकर काम कर रहे हैं. इससे रिवर्स पलायन को भी मजबूती मिली है. सरकार की विभिन्न योजनाएं युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में मदद कर रही हैं और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा प्रदान कर रही हैं.
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संस्कृति और विरासत पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक विरासत को भी समान महत्व दे रही है. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकास भी, विरासत भी’ मंत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि लोक संस्कृति, लोक परंपराओं और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण के लिए कई प्रयास किए जा रहे हैं. उनका मानना है कि विकास तभी सार्थक है जब वह अपनी जड़ों और पहचान को साथ लेकर आगे बढ़े.
देवभूमि की पहचान रहेगी सुरक्षित
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि उत्तराखंड की डेमोग्राफी और देवत्व की पहचान से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा. उन्होंने कहा कि प्रदेश की सांस्कृतिक और धार्मिक विशेषताओं को सुरक्षित रखना सरकार की प्राथमिकता है. इस अवसर पर विधायक राजकुमार पोरिमला, महंत दिलीप रावत और अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी मौजूद रहे. कार्यक्रम में विकास और सांस्कृतिक संरक्षण दोनों विषय प्रमुख रूप से चर्चा में रहे.