नकली पनीर-घी पर बड़ा एक्शन! उत्तराखंड में एनालॉग डेयरी उत्पादों की बिक्री पर सरकार का बड़ा प्रतिबंध
उत्तराखंड सरकार ने गैर-मानकीकृत एनालॉग डेयरी उत्पादों के निर्माण, भंडारण, परिवहन और बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है. खाद्य सुरक्षा विभाग पूरे प्रदेश में विशेष जांच अभियान चलाकर नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करेगा.
उत्तराखंड में उपभोक्ताओं को भ्रामक डेयरी उत्पादों से बचाने के लिए खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने बड़ा फैसला लिया है. अब पनीर, घी, मक्खन और अन्य डेयरी उत्पादों के नाम पर बिकने वाले गैर-मानकीकृत एनालॉग उत्पादों के निर्माण और बिक्री पर पूरी तरह प्रतिबंध लागू कर दिया गया है.
एनालॉग डेयरी उत्पादों पर सख्त प्रतिबंध
खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने आदेश जारी कर स्पष्ट किया है कि ऐसे सभी गैर-मानकीकृत एनालॉग डेयरी उत्पाद, जो पैकेजिंग या प्रचार के जरिए खुद को शुद्ध डेयरी उत्पाद जैसा दिखाते हैं, अब उत्तराखंड में नहीं बेचे जा सकेंगे. इन उत्पादों के निर्माण, भंडारण, परिवहन, वितरण और बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लागू कर दी गई है. विभाग का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य उपभोक्ताओं को भ्रमित करने वाले उत्पादों पर रोक लगाना और खाद्य सुरक्षा के मानकों को सख्ती से लागू करना है.
किन उत्पादों पर लागू होगा आदेश
एनालॉग डेयरी उत्पाद वे खाद्य पदार्थ हैं, जिनमें दूध की जगह वनस्पति वसा, वनस्पति तेल या अन्य गैर-दुग्ध सामग्री का उपयोग किया जाता है, लेकिन उन्हें पनीर, घी या मक्खन जैसे उत्पादों की तरह पेश किया जाता है. हालांकि भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के निर्धारित मानकों के अनुसार तैयार फ्रोजन डेजर्ट, प्रोसेस्ड चीज और मिक्स्ड फैट स्प्रेड जैसे उत्पाद इस प्रतिबंध के दायरे में शामिल नहीं होंगे. सरकार ने स्पष्ट किया है कि केवल मानकों के अनुरूप तैयार उत्पाद ही बाजार में उपलब्ध रहेंगे.
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राज्यभर में चलेगा विशेष जांच अभियान
प्रतिबंध लागू होने के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग ने पूरे प्रदेश में विशेष निरीक्षण अभियान शुरू करने के निर्देश दिए हैं. डेयरी इकाइयों, गोदामों, थोक और खुदरा बाजारों के अलावा होटल, रेस्टोरेंट और मिठाई की दुकानों की भी जांच की जाएगी. संदिग्ध उत्पादों के नमूने लेकर प्रयोगशालाओं में परीक्षण कराया जाएगा. चारधाम यात्रा और आने वाले त्योहारों को देखते हुए विभाग ने निगरानी और सख्ती बढ़ाने का फैसला किया है, ताकि उपभोक्ताओं तक केवल सुरक्षित खाद्य सामग्री पहुंचे.
उल्लंघन पर होगी कानूनी कार्रवाई
विभाग ने साफ किया है कि आदेश का उल्लंघन करने वाले कारोबारियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी. दोषी पाए जाने पर उत्पाद जब्त किए जा सकते हैं, लाइसेंस रद्द किया जा सकता है और कानूनी मुकदमा भी दर्ज होगा. यह आदेश एक वर्ष तक या एफएसएसएआई द्वारा अंतिम मानक अधिसूचित किए जाने तक प्रभावी रहेगा. खाद्य संरक्षा आयुक्त ने उपभोक्ताओं से खरीदारी के समय उत्पाद का लेबल और लाइसेंस अवश्य जांचने की अपील भी की है.