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नवरात्रि में यूपी के 26 देवी मंदिरों में होंगे खास आयोजन, मिशन शक्ति के तहत गूंजेंगे देवी गीत

शारदीय नवरात्रि में उत्तर प्रदेश के 24 जिलों के 26 प्रमुख देवी मंदिरों में शक्ति आराधना के साथ महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन का संदेश गूंजेगा.

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Shilpa Srivastava

लखनऊ: शारदीय नवरात्रि में उत्तर प्रदेश के 24 जिलों के 26 प्रमुख देवी मंदिरों में शक्ति आराधना के साथ महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन का संदेश गूंजेगा. मिशन शक्ति के तहत 17, 18 और 19 अक्टूबर को प्रदेश के चयनित मंदिरों में तीन दिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. इनमें पारंपरिक देवी गीतों पर आधारित गायन और दुर्गा सप्तशती पाठ होगा. 

देवी गायन और दुर्गा सप्तशती पाठ होंगे मुख्य आकर्षण:

नवरात्रि की सप्तमी, अष्टमी और नवमी के अवसर पर होने वाले कार्यक्रमों में देवी गीतों की पारंपरिक गायन शैली को प्रमुखता दी जाएगी. इसके साथ दुर्गा सप्तशती का पाठ भी होगा. इन आयोजनों के जरिए शक्ति आराधना की परंपरा को आगे बढ़ाने के साथ महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता के प्रति जागरूक किया जाएगा.

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि, मिशन शक्ति के तहत आयोजित इन कार्यक्रमों का उद्देश्य धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से महिलाओं एवं बालिकाओं के प्रति सम्मान और उनकी सुरक्षा के महत्व को जन-जन तक पहुंचाना है. साथ ही, देवी गायन और दुर्गा सप्तशती पाठ के जरिए नवरात्रि की परंपराओं को बढ़ावा दिया जाएगा.


विंध्याचल से नैमिषारण्य तक देवी मंदिरों में होंगे आयोजन:

कार्यक्रमों के लिए चुने गए प्रमुख स्थलों में मिर्जापुर का मां विंध्यवासिनी देवी मंदिर, सोनभद्र का ज्वाला देवी मंदिर, भदोही का सीता समाहित स्थल, प्रयागराज का अलोपी देवी मंदिर और ललिता देवी मंदिर, कौशांबी का कदवासिनी मंदिर, बलरामपुर का देवीपाटन मंदिर, सीतापुर का नैमिषारण्य स्थित ललिता देवी मंदिर और सहारनपुर का शाकंभरी देवी मंदिर शामिल हैं. इसके अलावा मथुरा का कात्यायनी देवी मंदिर, जौनपुर का मां शीतला चौकिया धाम, प्रतापगढ़ का बेल्हा देवी मंदिर, वाराणसी का विशालाक्षी देवी मंदिर और उन्नाव का चंडिका देवी मंदिर भी आयोजन स्थलों में शामिल हैं.

धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को मिलेगा मंच:

अन्य चयनित स्थलों में औरैया का देवकाली मंदिर, गोरखपुर का मां तरकुलहा देवी धाम, मऊ का मां शीतला माता स्थल, चित्रकूट का शिवानी देवी मंदिर, हमीरपुर का गायत्री शक्ति पीठ, जालौन के कोंच स्थित बैरागढ़ माता मंदिर, कानपुर देहात के घाटमपुर स्थित कुष्मांडा देवी मंदिर, मैनपुरी का शीतला माता मंदिर, फिरोजाबाद का चामुंडा माता मंदिर, लखनऊ के चंद्रिका देवी और संकटा देवी मंदिर तथा फर्रुखाबाद का गुरुग्राम देवी मंदिर शामिल हैं. इन आयोजनों के माध्यम से प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में नवरात्रि की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को मंच मिलेगा.

इन कार्यक्रमों के आयोजन के लिए 28.08 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है. स्वीकृत बजट में सबसे बड़ी राशि कलाकारों के मानदेय और यात्रा व्यय के लिए रखी गई है. इस मद में 23.40 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे. योजना के अनुसार 26 स्थलों पर तीन दिवसीय कार्यक्रमों में भाग लेने वाले कलाकारों को निर्धारित व्यवस्था के तहत मानदेय दिया जाएगा और उनके यात्रा खर्च का भुगतान किया जाएगा.

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि, शारदीय नवरात्रि हमारी आस्था, शक्ति और सांस्कृतिक परंपराओं का पर्व है. उन्होंने बताया हमारा प्रयास है कि धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन सामाजिक बदलाव का माध्यम बनें और बेटियों को सुरक्षित, सम्मानजनक और आत्मनिर्भर जीवन के लिए प्रोत्साहित करें.