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स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की मुश्किलें बढ़ीं, मेडिकल रिपोर्ट में नाबालिग बटुकों से कुकर्म की हुई पुष्टि

नाबालिग बटुकों से कथित यौन शोषण के आरोप में घिरे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की मेडिकल रिपोर्ट में कुकर्म की पुष्टि हुई है. पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज है और इलाहाबाद हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत की सुनवाई कल होगी.

ani
Kuldeep Sharma

प्रयागराज के झूंसी थाने में दर्ज एक गंभीर मामले ने धार्मिक जगत में हलचल मचा दी है. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर आश्रम के नाबालिग बच्चों से यौन शोषण का आरोप लगा है. पुलिस की मेडिकल जांच रिपोर्ट में आरोपों की पुष्टि होने की बात सामने आई है.

शिकायतकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी ने दावा किया कि उनके पास फोटो, वीडियो और अन्य मजबूत सबूत हैं. स्वामी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की है, जिस पर कल सुनवाई होगी. पुलिस जांच तेजी से चल रही है और मामले में कई बड़े नामों के शामिल होने का भी दावा किया जा रहा है.

मेडिकल रिपोर्ट ने पुष्टि की

बुधवार को पुलिस ने दोनों नाबालिग पीड़ित बच्चों का मेडिकल परीक्षण कराया. सूत्रों के अनुसार रिपोर्ट में यौन शोषण के स्पष्ट संकेत मिले हैं. यह रिपोर्ट अब केस डायरी का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गई है. शिकायतकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी ने मीडिया से कहा कि रिपोर्ट आरोपों को मजबूत करती है और जांच में यह निर्णायक साबित होगी.

हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत की अर्जी

गिरफ्तारी की आशंका के बीच स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की. जस्टिस जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ कल इस पर सुनवाई करेगी. पुलिस मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्य अदालत में पेश कर सकती है. कानूनी जानकारों का कहना है कि अगर राहत नहीं मिली तो गिरफ्तारी संभव है.

पॉक्सो एक्ट में दर्ज मुकदमा

झूंसी थाने में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य मुकुंदानंद गिरी सहित अन्य के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज है. पुलिस ने बताया कि जांच जारी है और अन्य संदिग्धों की भूमिका भी देखी जा रही है. आशुतोष ब्रह्मचारी ने दावा किया कि पीड़ितों में 20 से ज्यादा बच्चे और महिलाएं शामिल हैं. उन्होंने आश्रम में करोड़ों के घोटाले और सबूत मिटाने का भी आरोप लगाया.

शिकायतकर्ता के दावे और सबूत

आशुतोष ब्रह्मचारी ने कहा कि उनके पास लैपटॉप में यौन शोषण के फोटो, वीडियो और अन्य प्रमाण हैं. उन्होंने कोर्ट में पीड़ितों की गवाही और मेडिकल जांच का हवाला दिया. उन्होंने दो अन्य नामों का खुलासा करते हुए कुछ राजनीतिक नेताओं और वीआईपी के शामिल होने का दावा किया है. पुलिस इसकी भी पड़ताल कर रही है.