'जिस किसी ने भी यह पाप किया है...', राम मंदिर दान विवाद पर पहली बार बोले महंत नृत्य गोपाल दास

राम मंदिर में कथित दान चोरी के मामले पर महंत नृत्य गोपाल दास ने पहली बार प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की. सोमवार को होने वाली ट्रस्ट बैठक में इस मामले और प्रशासनिक फैसलों पर चर्चा होने की संभावना है.

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Kanhaiya Kumar Jha

अयोध्या स्थित राम मंदिर में कथित दान चोरी का मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है. इस बीच श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास ने पहली बार सार्वजनिक रूप से अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने घटना पर गहरा दुख जताते हुए इसे करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा विषय बताया. साथ ही दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की और राजनीतिक बयानबाजी से बचने की अपील भी की.

महंत नृत्य गोपाल दास ने कहा कि रामलला के मंदिर में दान की कथित चोरी बेहद दुखद है. उनके अनुसार जिसने भी ऐसा किया है, उसे कानून के अनुसार कठोर सजा मिलनी चाहिए. उन्होंने कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर पूरा भरोसा है कि इस मामले में न्याय सुनिश्चित किया जाएगा.

राजनीति से दूर रखने की अपील

महंत ने इस पूरे विवाद को राजनीतिक रंग न देने की अपील भी की. उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को निजी या राजनीतिक लाभ के लिए इस संवेदनशील विषय का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. उनके अनुसार यह केवल एक कानूनी मामला नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं और विश्वास से जुड़ा विषय है.


सोमवार की बैठक पर टिकी निगाहें

दान चोरी के कथित मामले के बीच सोमवार को ट्रस्ट की अहम बैठक प्रस्तावित है. सूत्रों के अनुसार बैठक में महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफों पर चर्चा हो सकती है. दोनों ने कथित विवाद सामने आने के बाद अपने पद छोड़ने की पेशकश की थी, लेकिन अब तक उन पर अंतिम फैसला नहीं हुआ है.

प्रशासनिक ढांचे पर भी होगी चर्चा

बैठक में ट्रस्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी की नियुक्ति का मुद्दा भी उठ सकता है. माना जा रहा है कि प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए नए कदमों पर विचार किया जाएगा. ट्रस्ट सदस्यों के सामने यह भी अहम सवाल रहेगा कि वर्तमान परिस्थितियों में संगठनात्मक ढांचे को किस तरह अधिक प्रभावी बनाया जाए.

ट्रस्ट का गठन और वर्तमान स्थिति

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का गठन सुप्रीम कोर्ट के नवंबर 2019 के फैसले के बाद फरवरी 2020 में किया गया था. शुरुआत में ट्रस्ट में 15 सदस्य थे, लेकिन एक सदस्य के निधन के बाद वर्तमान में 14 सदस्य हैं. ट्रस्ट की बैठक सामान्य रूप से हर तीन महीने में होती है. इस बार की बैठक कथित दान चोरी के मामले के कारण विशेष महत्व रखती है.