'हुमायूं हम आएंगे, बाबरी फिर गिराएंगे', मुर्शिदाबाद में बनने वाली बाबरी मस्जिद के खिलाफ लखनऊ में हिंदूवादी संगठनों का विरोध प्रदर्शन
उत्तर प्रदेश के हिंदू संगठन ने बंगाल के मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद के खिलाफ विरोध मार्च निकालने का आह्वान किया है. इस दौरान शहर में 'हुमायूं हम आएंगे, बाबरी फिर गिराएंगे' के बैनर लेकर लोग शहर में निकले हैं.
लखनऊ उत्तर प्रदेश के एक संगठन ने बंगाल के मुर्शिदाबाद में प्रस्तावित बाबरी मस्जिद शैली के खिलाफ विरोध मार्च निकालने का आह्वान किया है. विश्व हिंदू रक्षा परिषद के लोगों ने लोगों से अपील की है कि वे 10 फरवरी को मुर्शिदाबाद पहुंच कर निर्माण कार्य को रोकें. इस मस्जिद की शुरुआत 11 फरवरी से होना है.
यह पूरा विवाद तब शुरु हुआ जब 6 दिसंबर 2025 को तृणमूल कांग्रेस के सस्पेंड MLA हुमायूं कबीर ने मुर्शिदाबाद के बेलडांगा में बाबरी मस्जिद-स्टाइल की मस्जिद की नींव रखी थी. असेंबली चुनाव से पहले ऐसा कर के वे लोगों के बीच चर्चे में आ गए. इतना ही नहीं उन्होंने मस्जिद बनाने के लिए डोनर्स से ₹1.30 करोड़ रुपये भी इकट्ठा कर लिया है.
क्या है पूरा मामला?
विश्व हिंदू रक्षा परिषद ने मस्जिद के नींव रखे जाने से पहले विरोध जतानान शुरू कर दिया है. लखनऊ की सड़कों पर बैनर लेकर लोगों ने नारेबाजी शुरु कर दी है. बैनरों में 'हुमायूं हम आएंगे, बाबरी फिर गिराएंगे' और 'इस बार होगा मुर्शिदाबाद में नई बाबरी पे आरपार' जैसे नारे लिखे नजर आए.
पूर्व MLA हुमायूं ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भी अयोध्या में मस्जिद बनने में हो रही देरी पर नाराजगी जताते हुए कहा था कि 1992 में बाबरी मस्जिद गिराए जाने से पहले ही वहां राम मंदिर बनने का रास्ता साफ हो गया था. इतना ही नहीं उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप भी लगाए थे. उन्होंने कहा कि सरकार ने सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड को धन्नीपुर में पांच एकड़ जमीन दी, जो बाबरी मस्जिद वाली जगह से करीब 20km दूर है. हालांकि, अब तक वहां कुछ भी नहीं बना है.
विश्व हिंदू परिषद की खुली चेतावनी
विश्व हिंदू परिषद के चीफ गोपाल राय ने कहा कि हम बाबरी मस्जिद के नाम पर भारत में किसी को भी कोई स्ट्रक्चर नहीं बनाने दे सकते. अब वह पूरी तरह से इतिहास बन चुका है. उन्होंने कहा कि हम 10 फरवरी को अपने पास मौजूद सभी रिसोर्स के साथ मुर्शिदाबाद मार्च करेंगे और 11 फरवरी को वहां इकट्ठा होंगे ताकि बाबरी मस्जिद-स्टाइल वाली दरगाह का कंस्ट्रक्शन शुरु ना हो सके. वहीं लखनऊ में एक पुलिस इंस्पेक्टर ने इस विरोध के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि अभी तक इन बैनर के खिलाफ कोई भी शिकायत दर्ज नहीं करवाई गई है. अगर ऐसा होता है तो हम आगे की कार्रवाई करेंगे.