गजियाबाद के इंदिरापुरम के कनावली गांव के पास झुग्गी-झोपड़ियों में लगी भीषण आग, सिलेंडरों में विस्फोट से तबाही

गाजियाबाद के इंदिरापुरम इलाके में कनावली गांव के पास झुग्गी बस्ती में भीषण आग लग गई. दमकल गाड़ियां आग बुझाने के अभियान में लगी हुई हैं. आग में सिलेंडर फट रहे हैं और धमाके हो रहे हैं.

Pinterest
Reepu Kumari

गाजियाबाद: गाजियाबाद का व्यस्त इलाका इंदिरापुरम में बुधवार दोपहर अचानक आग की भयानक घटना ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया. कनावली गांव के पास बसी झुग्गी बस्ती में लगी आग ने मिनटों में सैकड़ों झोपड़ियों को निगल लिया. आग इतनी तेजी से फैली कि आसपास के लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही धुआं और लपटें हर तरफ छा गईं. दमकल विभाग की टीमें तुरंत मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाने की कोशिश में जुटी हुई हैं.

वीडियो में भयावह धुएं का गुब्बार 

एक्स पर कई यूजर ने इस घटना का वीडियो भी शेयर किया है. जिसमें आप देख सकते है आसमान में काले धुएं का गुब्बार दिख रहा है. 

 

कब लगी आग?

स्थानीय लोगों के अनुसार दोपहर 12 बजे के आसपास अचानक आग भड़क उठी. गर्मी के मौसम में सूखी झोपड़ियों में आग तेजी से फैल गई. सबसे डरावनी बात यह रही कि आग के बीच कई गैस सिलेंडर फट गए, जिससे जोरदार धमाके हुए और आग और भी भयंकर हो गई. लपटें आसमान की ओर उठती दिखाई दे रही थीं.

आग पर काबू पाने की चुनौती

दमकल की कई गाड़ियां लगातार पानी की बौछारें डाल रही हैं. आग की तीव्रता इतनी ज्यादा है कि बार-बार सिलेंडर फटने से दमकलकर्मी भी सतर्कता बरत रहे हैं. इलाके में धुएं का गुबार छाया हुआ है. 

नुकसान का आंकड़ा

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार 500 से ज्यादा झुग्गियां पूरी तरह जलकर राख हो गई हैं. कई परिवारों का सारा सामान जल गया. लोग बस अपनी जान बचाने में सफल हुए. हालांकि किसी के हाताहत होने की खबर अबतक सामने नहीं आई है.

स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया

झुग्गीवासी घबराए हुए हैं. कुछ महिलाएं और बच्चे रोते हुए दिखाई दिए. पुलिस और प्रशासन की टीमें भी मौके पर पहुंच गई हैं. राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया है.

कारणों की जांच शुरू

प्रशासन ने आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी है. शॉर्ट सर्किट या किसी अन्य वजह से आग लगी, यह अभी स्पष्ट नहीं है. पूरे मामले की जांच की जा रही है. 

बचाव कार्य जारी

दमकल विभाग के साथ-साथ एनडीआरएफ की टीमें भी मदद पहुंचाने की तैयारी में हैं. प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं.