फाइनल होने वाली थी शादी की डेट... लखनऊ की आग ने निलेश और अनामिका के सपनों को कर दिया राख
लखनऊ के अलीगंज अग्निकांड ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं. शादी की तैयारी कर रहे निलेश कुमार और अनामिका सामंत की इस हादसे में मौत हो गई जिससे दोनों परिवारों के सपने अधूरे रह गए.
लखनऊ: अलीगंज इलाके में हुई भीषण आग ने केवल जान-माल का नुकसान नहीं किया, बल्कि कई परिवारों के भविष्य को भी अंधेरे में धकेल दिया. इस दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वालों में निलेश कुमार और अनामिका सामंत भी शामिल थे जो जल्द ही विवाह बंधन में बंधने वाले थे. दोनों परिवार शादी की तैयारियों में जुटे थे और आने वाले दिनों को लेकर उत्साहित थे. लेकिन एक पल में सब कुछ बदल गया और खुशियों की जगह गहरा मातम छा गया.
प्यार से शादी तक का सफर अधूरा रह गया
निलेश कुमार और अनामिका सामंत एक ही एनीमेशन सेंटर में कार्यरत थे. साथ काम करते हुए दोनों के बीच दोस्ती हुई और समय के साथ यह रिश्ता गहरे विश्वास और प्रेम में बदल गया. परिवारों ने भी इस संबंध को सहमति दे दी थी और शादी की दिशा में बातचीत आगे बढ़ चुकी थी. कुछ समय पहले ही अनामिका के माता-पिता पश्चिम बंगाल से लखनऊ आए थे, जहां दोनों परिवारों ने मुलाकात कर भविष्य की योजनाओं पर चर्चा की थी. रिश्ते को लेकर घरों में उत्साह का माहौल था और सभी लोग नई शुरुआत का इंतजार कर रहे थे.
शादी की तैयारियां थीं, टिकट भी हो चुके थे बुक
परिजनों के अनुसार अगले सप्ताह निलेश का परिवार अनामिका के घर पश्चिम बंगाल जाने वाला था. यात्रा की तैयारियां पूरी थीं और ट्रेन टिकट भी बुक किए जा चुके थे. दोनों परिवार शादी की तारीख तय करने की प्रक्रिया में थे. निलेश अपने करियर को लेकर भी आशावान थे और उन्हें जल्द प्रमोशन तथा वेतन वृद्धि मिलने की उम्मीद थी. इसी कारण उन्होंने विवाह को अगले वर्ष तक आगे बढ़ाने का निर्णय लिया था ताकि बेहतर आर्थिक स्थिति के साथ नया जीवन शुरू कर सकें.
नए घर में बसाने थे सपने
निलेश केवल अपने भविष्य के बारे में नहीं सोच रहे थे, बल्कि परिवार के सपनों को भी आकार दे रहे थे. वह नए घर के निर्माण में सहयोग कर रहे थे और अक्सर कहते थे कि शादी के बाद उसी घर में नई जिंदगी की शुरुआत करेंगे. रिश्तेदारों के मुताबिक, वह अपने परिवार के बेहद जिम्मेदार सदस्य थे. उनके मन में कई योजनाएं थीं, लेकिन हादसे ने उन सभी सपनों को अचानक समाप्त कर दिया. अब जिस घर में शादी की तैयारियां होनी थीं, वहां शोक और सन्नाटा पसरा हुआ है.
एक हादसे ने बदल दी कई जिंदगियां
यह त्रासदी केवल निलेश और अनामिका तक सीमित नहीं रही. हादसे में अनामिका की चचेरी बहन सोमिल्या की भी जान चली गई, जो उसी संस्थान में काम करती थीं. कुछ घंटे पहले तक दोनों परिवार भविष्य की खुशियों पर चर्चा कर रहे थे, लेकिन शाम होते-होते हालात पूरी तरह बदल गए. अलीगंज अग्निकांड अब एक ऐसे दर्द की कहानी बन गया है, जिसने कई घरों की उम्मीदें और अरमान हमेशा के लिए छीन लिए. यह घटना उन अधूरे सपनों की याद बनकर लंबे समय तक लोगों के दिलों में जीवित रहेगी.