जबरन धर्मांतरण! कानपुर में नाबालिग को बुर्का पहनाकर पढ़वाया कलमा, चिमटे से दागा
उत्तर प्रदेश के कानपुर में एक नाबालिग लड़की ने युवक और उसके परिवार पर छह दिन तक बंधक बनाकर रखने, मारपीट करने और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया है. पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और पूरे मामले की जांच की जा रही है.
कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक गंभीर मामला सामने आया है. एक 17 वर्षीय किशोरी ने आरोप लगाया है कि उसे एक युवक ने अपने घर बुलाकर कथित रूप से छह दिन तक बंधक बनाकर रखा. पीड़िता का कहना है कि इस दौरान उसके साथ मारपीट की गई और उस पर धर्म परिवर्तन करने का दबाव बनाया गया. शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है.
पीड़िता के अनुसार उसकी कुछ समय पहले आरोपी युवक से जान पहचान हुई थी. बातचीत के दौरान युवक ने मिलने के लिए बुलाया. लड़की का आरोप है कि जब वह तय स्थान पर पहुंची तो युवक उसे अपने घर ले गया, जहां उसे कथित तौर पर कई दिनों तक बाहर नहीं जाने दिया गया.
पीड़िता ने लगाए गंभीर आरोप
पीड़िता ने पुलिस को दिए बयान में आरोप लगाया है कि उसे जबरन बुर्का पहनाकर रखा गया और धार्मिक बातें मानने के लिए दबाव बनाया गया. उसका यह भी कहना है कि विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई और गर्म चिमटे से दागा गया. लड़की ने यह भी आरोप लगाया कि उसे डराने धमकाने की कोशिश की गई और विदेश भेजने की धमकी भी दी गई. पीड़िता के मुताबिक आरोपी के परिवार के कुछ अन्य सदस्य भी कथित तौर पर उसके साथ दुर्व्यवहार और मारपीट में शामिल थे. हालांकि इन आरोपों की पुष्टि अभी जांच के बाद ही हो सकेगी.
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किसी तरह बचकर पहुंची घर
लड़की ने बताया कि वह किसी तरह आरोपी के घर से निकलकर अपने परिवार के पास पहुंची. इसके बाद उसने पूरी घटना की जानकारी परिजनों को दी. परिवार ने तुरंत पुलिस से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने पीड़िता की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है. पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया है और उसका विस्तृत बयान भी दर्ज किया गया है.
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है. यदि जांच में अन्य लोगों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल पुलिस साक्ष्य जुटाने, गवाहों के बयान दर्ज करने और घटनाक्रम की पुष्टि करने में जुटी हुई है. मामले की जांच पूरी होने के बाद ही सभी तथ्यों की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी.