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यूपी में दो संदिग्ध आतंकियों की गिरफ्तारी के बाद हाई-अलर्ट, एटीएस और खुफिया विभाग की जांच तेज

बुलंदशहर में दो संदिग्ध आतंकियों की गिरफ्तारी के बाद उत्तर प्रदेश की सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं. पुलिस और एटीएस संभावित स्लीपर सेल नेटवर्क की जांच कर रही हैं और संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष नजर रखी जा रही है.

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Ashutosh Rai

उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में दो संदिग्ध आतंकियों की गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा एजेंसियों की सक्रियता बढ़ गई है. खुफिया विभाग, एटीएस और स्थानीय पुलिस मिलकर संभावित स्लीपर सेल नेटवर्क की जांच में जुटे हैं. जिले की संवेदनशील स्थिति को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी को पहले से अधिक मजबूत किया जा रहा है.

गिरफ्तारी के बाद बढ़ी सुरक्षा एजेंसियों की सक्रियता

18 जून को बुलंदशहर के अकबरपुर गांव से दो संदिग्ध लोगों की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियां लगातार कार्रवाई कर रही हैं. अधिकारियों के अनुसार दोनों आरोपी कथित रूप से पाकिस्तान स्थित तत्वों के संपर्क में थे. इसके बाद पूरे जिले में निगरानी बढ़ा दी गई है. पुलिस और खुफिया विभाग उन इलाकों पर विशेष ध्यान दे रहे हैं जहां बाहरी लोगों की आवाजाही अधिक रहती है. जांच एजेंसियां डिजिटल गतिविधियों, सोशल मीडिया खातों और संचार माध्यमों की भी जांच कर रही हैं ताकि किसी बड़े नेटवर्क या संपर्क श्रृंखला का पता लगाया जा सके. सुरक्षा एजेंसियों का उद्देश्य इस मामले की जड़ तक पहुंचना है.

बुलंदशहर को माना जाता है संवेदनशील जिला

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के करीब होने के कारण बुलंदशहर को सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाता है. जिले के आसपास कई रणनीतिक और संवेदनशील स्थान मौजूद हैं. यही वजह है कि यहां सुरक्षा एजेंसियां लगातार सतर्क रहती हैं. पिछले वर्षों में भी यहां से कई ऐसे मामले सामने आए हैं जिनमें कथित तौर पर देशविरोधी गतिविधियों से जुड़े लोगों की गिरफ्तारी हुई थी. सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति इसे निगरानी के लिहाज से अहम बनाती है. इसलिए हर संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखी जा रही है.


पुराने मामलों ने भी बढ़ाई चिंता

बुलंदशहर में पहले भी कई ऐसे मामले सामने आ चुके हैं, जिन्होंने सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क रहने के लिए मजबूर किया. हाल ही में एक पाकिस्तानी नागरिक की गिरफ्तारी का मामला भी चर्चा में रहा था. इसके अलावा पूर्व में जासूसी और संगठित अपराध से जुड़े मामलों में भी कार्रवाई हो चुकी है. इन्हीं घटनाओं को देखते हुए एजेंसियां अब किसी भी सूचना को हल्के में नहीं ले रही हैं. अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखने के लिए लगातार जांच और निगरानी जारी रहेगी.