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महाकुंभ में महिलाओं के आपत्तिजनक वीडियो बनाने वाला चौथा आरोपी गिरफ्तार

इससे पहले, गुजरात पुलिस ने इस मामले में तीन अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जिनमें प्रयागराज का एक यूट्यूबर भी शामिल था. उन पर महाकुंभ में स्नान कर रही महिलाओं के वीडियो बनाकर यूट्यूब और टेलीग्राम पर अपलोड करने का आरोप है.

Sagar Bhardwaj

महाकुंभ में स्नान करती और कपड़े बदलती महिलाओं के आपत्तिजनक वीडियो बनाने और उन्हें सोशल मीडिया पर वायरल करने के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है है. इस मामले में पकड़ा गया यह चौथा आरोपी है.

गिरफ्तार किए गए आरोपी का नाम अमित कुमार झा है और वह पश्चिम बंगाल के हुगली जिले का रहने वाला है. पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने पैसे कमाने के लालच में यह वीडियो बनाए और उन्हें अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर अपलोड किया. पुलिस ने उसके पास से एक मोबाइल फोन भी बरामद किया है.

यूट्यूब चैनल को मोनेटाइज करना के लिए किया ऐसा

पुलिस के बताया कि अमित कुमार झा का एक यूट्यूब चैनल है. उसने महिलाओं के नहाने और कपड़े बदलने के वीडियो बनाए और उन्हें अपने यूट्यूब चैनल पर अपलोड कर दिया. उसने पुलिस को बताया कि उसने यह सब सोशल मीडिया पर अपने फॉलोअर्स बढ़ाने के लिए किया था, ताकि उसका चैनल मोनेटाइज हो जाए और वह उससे पैसे कमा सके.

तीन आरोपी पहले हो चुके हैं गिरफ्तार

इससे पहले, गुजरात पुलिस ने इस मामले में तीन अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जिनमें प्रयागराज का एक यूट्यूबर भी शामिल था. उन पर महाकुंभ में स्नान कर रही महिलाओं के वीडियो बनाकर यूट्यूब और टेलीग्राम पर अपलोड करने का आरोप है. पुलिस को संदेह है कि इन लोगों ने देश के 60-70 अस्पतालों के सीसीटीवी कैमरों को भी हैक किया है और अस्पतालों के स्त्री रोग विशेषज्ञों के कक्षों में महिलाओं के चेकअप के वीडियो भी लीक किए हैं.

अस्पतालों के CCTV हैक

पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने राजकोट के एक अस्पताल के CCTV कैमरों को भी हैक किया था और वहां महिलाओं के चेकअप के वीडियो बनाए थे. इन वीडियो को भी सोशल मीडिया पर बिक्री के लिए डाला गया था. पुलिस को संदेह है कि इस गिरोह ने पिछले 8 महीनों में इस तरह के वीडियो बेचकर लाखों रुपये कमाए हैं.

पुलिस की कार्रवाई

उत्तर प्रदेश के डीजीपी प्रशांत कुमार ने बताया कि महिलाओं के स्नान करते वीडियो अपलोड करने के मामले में अब तक तीन FIR दर्ज की जा चुकी हैं. पुलिस ऐसे लोगों को चिह्नित करने का प्रयास कर रही है और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. इसके अलावा, महाकुंभ को लेकर भ्रामक सूचना फैलाने के मामले में 55 से 60 मुकदमे दर्ज किए गए हैं. इन अकाउंट के संचालकों को भी चिह्नित करने का प्रयास किया जा रहा है.

सतर्कता जरूरी

यह घटना सोशल मीडिया पर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता पैदा करती है. पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर इस तरह के वीडियो को साझा न करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना पुलिस को दें.