T20 World Cup 2026

मुंबई के बाद मेरठ में भी नया विवाद! अब्दुल्ला रेजीडेंसी में सिर्फ एक धर्म के लोगों को बसाने का आरोप

Abdullah Residency Controversy: मेरठ में दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के पास बन रही अब्दुल्ला रेजीडेंसी विवादों में घिर गई है. आरोप है कि इस कॉलोनी में हिंदू समुदाय के लोगों को प्रॉपर्टी खरीदने की अनुमति नहीं दी जा रही. मामले पर ऊर्जा मंत्री सोमेंद्र तोमर ने जांच के आदेश दिए हैं और कहा है कि विकास सबके लिए है, किसी धर्म विशेष तक सीमित नहीं है.

Social Media
Babli Rautela

Abdullah Residency Controversy: मुंबई में हलाल अपार्टमेंट विवाद के बाद अब मेरठ में भी एक कॉलोनी को लेकर बवाल खड़ा हो गया है. आरोप है कि दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के पास बन रही 'अब्दुल्ला रेजीडेंसी' में हिंदू समुदाय के लोगों को प्रॉपर्टी खरीदने की अनुमति नहीं दी जा रही. साथ ही, कॉलोनी में मस्जिद के निर्माण और गैंगस्टर शारीक परिवार की जमीन शामिल होने के दावों ने विवाद को और गहरा दिया है.

मामले पर ऊर्जा मंत्री सोमेंद्र तोमर ने गंभीर रुख अपनाते हुए कहा कि 2017 से पहले मेरठ को दंगों के लिए बदनाम कर दिया गया था. उन्होंने कहा, '1857 की क्रांति का आगाज मेरठ से हुआ था, लेकिन पूर्ववर्ती सरकारों ने कुछ वर्ग विशेष को संरक्षण देकर माहौल बिगाड़ दिया. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में मेरठ अब NCR का तेजी से विकसित होता जिला बन गया है.' तोमर ने साफ किया कि मेरठ में विकास किसी एक धर्म तक सीमित नहीं है.

अब्दुल्ला रेजीडेंसी पर सवाल

ऊर्जा मंत्री ने बताया कि उनके संज्ञान में यह मामला आया है कि अब्दुल्ला रेजीडेंसी में केवल एक धर्म विशेष को बसाने की योजना बनाई जा रही है. उन्होंने इसे पूरी तरह गलत सोच करार दिया. उन्होंने सवाल उठाया कि, कॉलोनी परिसर में बन रही मस्जिद का नक्शा क्या वैध रूप से पास हुआ है?, इसके साथ ही उन्होंने पूछा कि, क्या गैंगस्टर शारीक परिवार की जमीन इसमें शामिल की गई है? तोमर ने कहा कि इस पूरे मामले की गहराई से जांच होगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.

उच्च स्तर से जांच के आदेश

मंत्री ने साफ किया कि यदि जरूरत पड़ी तो जांच केवल जिला स्तर तक ही सीमित नहीं रहेगी, बल्कि उच्च स्तर से भी करवाई जाएगी. उन्होंने चेतावनी दी, 'धार्मिक आधार पर लोगों को बांटने या कॉलोनी बसाने का प्रयास किसी भी हाल में सफल नहीं होगा.'

बता दें कि हाल ही में मुंबई में 'हलाल अपार्टमेंट' नामक टाउनशिप प्रोजेक्ट को लेकर विवाद खड़ा हो गया था. प्रोजेक्ट के विज्ञापन में कहा गया था कि इसमें हिंदुओं की एंट्री नहीं होगी और अपार्टमेंट केवल मुस्लिम समुदाय के लिए होंगे. इस पर जब विवाद बढ़ा तो बिल्डर कंपनी को विज्ञापन वापस लेना पड़ा.