'पापा, मेडल जीत लिया...', देहरादून की बेटी ने कॉमनवेल्थ में रचा इतिहास; जीत के बाद सबसे पहले पिता को किया फोन
स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में देहरादून की उन्नति शर्मा ने जूडो के 63 किलोग्राम वर्ग में कांस्य पदक जीतकर भारत और उत्तराखंड का गौरव बढ़ाया. जीत के बाद उनका पहला फोन पिता को गया, जिसने पूरे परिवार को भावुक कर दिया.
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून की बेटी उन्नति शर्मा ने स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए जूडो के 63 किलोग्राम भार वर्ग में कांस्य पदक अपने नाम किया. उनकी इस उपलब्धि से पूरे उत्तराखंड और देश में खुशी की लहर दौड़ गई. जीत के तुरंत बाद उन्नति ने सबसे पहले अपने पिता को फोन कर कहा, "पापा, मेडल जीत लिया." यह सुनते ही परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा.
उन्नति के पिता विशेष कुमार शर्मा ने बताया कि मुकाबला खत्म होने के कुछ ही देर बाद उनके मोबाइल पर बेटी का फोन आया. जैसे ही उन्होंने कॉल उठाई, उन्नति ने भावुक आवाज में कहा, "पापा, मेडल जीत लिया." इतना कहकर उन्होंने फोन काट दिया. इस एक वाक्य ने पूरे परिवार को भावुक कर दिया और घर में जश्न का माहौल बन गया.
घर पर बधाई देने वालों का लगा तांता
रविवार को देहरादून स्थित डिफेंस कॉलोनी में उन्नति शर्मा के घर खेल प्रेमियों, रिश्तेदारों और स्थानीय लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी. हर कोई इस उपलब्धि पर परिवार को बधाई देने पहुंचा. मिठाइयां बांटी गईं और बेटी की सफलता का जश्न मनाया गया. उन्नति शर्मा अपने परिवार में सबसे छोटी हैं. उनकी बड़ी बहन रिया शर्मा और भाई अंकुर शर्मा हैं, जबकि उनकी मां ममता शर्मा गृहिणी हैं. कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले उन्होंने कर्नाटक स्थित इंस्पायर इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स में कोच जीवन के मार्गदर्शन में विशेष प्रशिक्षण लिया.
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2013 से शुरू हुआ मेडल जीतने का सफर
उन्नति ने वर्ष 2013-14 में मणिपुर में आयोजित सब-जूनियर नेशनल प्रतियोगिता में पहला स्वर्ण पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया था. इसके बाद उन्होंने लगातार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन किया. अब तक उन्नति एशियाई चैंपियनशिप में एक स्वर्ण, दो रजत और तीन कांस्य पदक जीत चुकी हैं. कॉमनवेल्थ गेम्स का यह कांस्य पदक उनके करियर की एक और बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है.
उन्नति के कोच सतीश शर्मा ने कहा कि उनकी सफलता के पीछे वर्षों की मेहनत, अनुशासन और धैर्य है. उन्होंने कहा कि उन्नति ने हर चुनौती का डटकर सामना किया और आज उसी मेहनत का परिणाम पूरे देश के सामने है.