हाईस्कूल से शुरू हुई अपर्णा-प्रतीक की लव स्टोरी, शादी के 15 सालों बाद ऐसा क्या हुआ कि दोनों ले जा रहे हैं तलाक!
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के भाई प्रतीक यादव और उनकी पत्नी अपर्णा यादव के रिश्ते में तनाव की खबरें सामने आई हैं. सोशल मीडिया पोस्ट के बाद तलाक की अटकलें तेज हो गई हैं.
लखनऊ: यूपी की राजनीति से जुड़े चर्चित परिवार मुलायम परिवार में इन दिनों निजी रिश्तों को लेकर हलचल मची हुई है. समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव के छोटे भाई प्रतीक यादव और उनकी पत्नी अपर्णा यादव के बीच सबकुछ ठीक नहीं बताया जा रहा है. हाल ही में प्रतीक के एक इंस्टाग्राम पोस्ट ने इन अटकलों को हवा दे दी, जिसके बाद से दोनों के रिश्ते और दोनों की लव स्टोरी से लेकर अब तलाक की नौबत तक की सफर को लेकर फिर से चर्चा शुरू हो गई है.
दरअसल प्रतीक यादव का हालिया इंस्टाग्राम पोस्ट अचानक सुर्खियों में आ गया. इस पोस्ट में उन्होंने बिना नाम लिए अपर्णा यादव पर गंभीर आरोप लगाए और उन्हें घर तोड़ने वाला बताया. शब्दों की तल्खी ने साफ कर दिया कि रिश्ते में खटास गहरी है. इसके बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में यह चर्चा तेज हो गई कि क्या यह रिश्ता तलाक की ओर बढ़ रहा है.
लव स्टोरी से शादी तक का सफर
प्रतीक और अपर्णा की प्रेम कहानी किसी फिल्म सरीखी ही है. दोनों ने अपनी मर्जी से शादी की थी. शादी से पहले वे कई साल तक एक-दूसरे को जानते थे. खुद प्रतीक ने एक इंटरव्यू में कहा था कि वे करीब आठ साल तक दोस्त और रिलेशनशिप में रहे. इस लंबे साथ के बाद दोनों ने शादी का फैसला लिया था.
करीब 25 साल का साथ
कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रतीक और अपर्णा पहली बार 2001 के आसपास एक-दूसरे से मिले थे. कहा जाता है कि उस समय दोनों हाईस्कूल में थे और एक म्यूचुअल फ्रेंड के जरिए उनकी पहचान हुई थी. पहले करीब दस साल की दोस्ती रही, फिर शादी हुई. शादी के बाद भी दोनों लगभग 15 साल तक साथ रहे. यानी कुल मिलाकर दोनों का रिश्ता करीब 25 साल पुराना माना जाता है.
अपर्णा यादव की अलग पहचान
अपर्णा यादव हमेशा से अपने स्वतंत्र विचारों के लिए जानी जाती रही हैं. मूल रूप से उत्तराखंड की रहने वाली अपर्णा के पिता अरविंद सिंह पत्रकार रहे हैं और उनका परिवार लखनऊ में रहता है. अपर्णा ने मैनचेस्टर से इंटरनेशनल पॉलिटिक्स में मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. राजनीति में आने से पहले भी उनकी पहचान एक पढ़ी-लिखी और मुखर महिला की रही है.
राजनीति और रिश्तों में दरार
शादी के कुछ साल बाद ही अपर्णा के राजनीतिक रुख ने परिवार में दूरी बढ़ा दी. 2014 में उन्होंने एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की थी. इसके बाद अखिलेश यादव से उनके रिश्ते तल्ख बताए गए. 2017 में अपर्णा ने सपा के टिकट पर चुनाव लड़ा लेकिन हार गईं. 2022 में वे भाजपा में शामिल हो गईं. इसके बाद से ससुराल और निजी रिश्तों में तनाव की खबरें लगातार सामने आती रहीं.
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