'तुमने किया क्या है किशोरी लाल', राहुल गांधी के दौरे से पहले अमेठी में लगे पोस्टर; क्या है पूरा मामला?
अमेठी में राहुल गांधी के दौरे से पहले पोस्टर्स लगाए गए हैं जिनमें कांग्रेस सांसद किशोरीलाल शर्मा पर निशाना साधा गया है. इन पोस्टर्स से यूपी का सियासी पारा हाई हो गया है.
अमेठी: उत्तर प्रदेश के अमेठी में राहुल गांधी के आने से ठीक पहले सियासी पारा चढ़ गया है. वजह है वहां जगह-जगह लगे कुछ पोस्टर्स, जिनमें कांग्रेस सांसद किशोरी लाल शर्मा पर निशाना साधा गया है. इन पोस्टर्स में किशोरी लाल के दो साल के कामकाज पर सवाल उठाते हुए उनकी तुलना पूर्व सांसद स्मृति ईरानी से की गई है.
पोस्टर्स में पूछे गए हैं सवाल
इन पोस्टर्स पर साफ और बड़े-बड़े अक्षरों में लिखा है 'दो साल किशोरी, तुमने लाल क्या किया?'. इसका सीधा सा मतलब है कि किशोरी लाल जी ने दो सालों में अमेठी के लिए ऐसा क्या बड़ा काम कर दिया? पोस्टर लगाने वालों का आरोप है कि 2024 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी की बड़ी नेता स्मृति ईरानी को 1.5 लाख से ज्यादा वोटों से हराने के बाद भी किशोरी लाल ने अमेठी के विकास के लिए कुछ खास नहीं किया है.
सांसद पर लगाए गए आरोप
इन पोस्टर्स में आरोप लगाए गए हैं कि दो साल में बस एक लोकल कांग्रेसी नेता की स्कूल बस और एक ट्रस्ट के अस्पताल को एम्बुलेंस देने जैसे छोटे-मोटे काम ही हुए हैं.इसके साथ ही यह भी दावा किया गया है कि स्मृति ईरानी के समय जो विकास कार्य शुरू हुए थे वे नेतृत्व बदलते ही या तो धीमे हो गए हैं या पूरी तरह बंद कर दिए गए हैं.
इस पोस्टरबाजी के बाद कांग्रेस और बीजेपी के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है. कांग्रेस नेताओं का कहना है कि बीजेपी चुनाव हारने के डर और हताशा में यह सब कर रही है. कांग्रेस नेता अनुपम पांडेय ने कहा कि बीजेपी अमेठी में 'बेचैन' है और यह पोस्टर उनकी बौखलाहट का नतीजा हैं.
बीजेपी ने पोस्टर्स पर क्या कहा?
वहीं दूसरी तरफ BJP के जिलाध्यक्ष सुधांशु शुक्ला ने इन पोस्टर्स का बचाव किया है. उनका कहना है कि यह किसी राजनीतिक दल का नहीं बल्कि अमेठी की जनता का असली गुस्सा है. उन्होंने दावा किया कि स्मृति ईरानी ने अपने छोटे से कार्यकाल में जितना विकास किया उतना कांग्रेस दशकों में भी नहीं कर पाई.
यह पूरा ड्रामा ऐसे समय में हो रहा है जब राहुल गांधी अपने दो दिवसीय दौरे पर अमेठी और रायबरेली आ रहे हैं. वे यहां पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से मिलेंगे. जानकारों का मानना है कि 2024 के अच्छे नतीजों के बाद कांग्रेस अब 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव के लिए खुद को मजबूत करने में जुट गई है.