'1.5 किमी पीछा, फब्तियां कसी, कमीज उतारी, गलत तरीके से छुआ', गोरखपुर में नागालैंड की डॉक्टर नस्लीय भेदभाव का शिकार, पुलिस ने केस किया दर्ज
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर एम्स में नागालैंड की एक महिला रेजिडेंट डॉक्टर के साथ नस्लीय टिप्पणी, पीछा करने और यौन उत्पीड़न का सनसनीखेज मामला सामने आया है. इस घटना ने चिकित्सा कर्मियों की सुरक्षा और पूर्वोत्तर के नागरिकों के प्रति संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) परिसर के पास एक महिला रेजिडेंट डॉक्टर के साथ नस्लीय भेदभाव और यौन उत्पीड़न की रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना घटी है. नागालैंड की रहने वाली और एम्स में तीसरे वर्ष की इस डॉक्टर के साथ तीन अज्ञात युवकों ने न केवल अभद्र व्यवहार किया, बल्कि सरेराह उनका पीछा कर शारीरिक हमला भी किया. इस घटना ने एक बार फिर कार्यस्थलों और सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं की सुरक्षा और पूर्वोत्तर के लोगों के प्रति नस्लीय मानसिकता को उजागर कर दिया है.
पुलिस के अनुसार, यह घटना 22 फरवरी 2026 की रात करीब 8 बजे की है. डॉक्टर जब ओरियन मॉल से लौट रही थीं, तभी तीन युवकों ने उन पर नस्लीय टिप्पणी करना शुरू कर दिया और उन्हें रूढ़िवादी स्टीरियोटाइप्स में बांधने की कोशिश की. आरोपियों ने करीब 1.5 किलोमीटर तक डॉक्टर का पीछा किया. संस्थान के गेट नंबर 2 के पास आर्मी कैंप के पास पहुंचते ही आरोपियों ने अभद्रता की सारी सीमाएं लांघ दीं. शिकायत के अनुसार, एक युवक ने उन्हें डराने के लिए अपनी शर्ट उतार दी, जबकि दूसरे ने उनके साथ शारीरिक छेड़छाड़ की. डॉक्टर द्वारा शोर मचाने पर आरोपी मौके से फरार हो गए.
नस्लीय और मानसिक आघात
'नेशनल फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स' (NAFORD) ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे 'नस्लीय उत्पीड़न और यौन हमले का चौंकाने वाला मामला' बताया है. फेडरेशन के अनुसार, यह घटना उस डॉक्टर के लिए गहरे सदमे और अपमान का कारण बनी है जो दूसरों के स्वास्थ्य के लिए समर्पित है. विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं पीड़ित के मानसिक स्वास्थ्य पर दीर्घकालिक नकारात्मक प्रभाव डाल सकती हैं.
मुख्यमंत्री कोनराड संगमा ने जताई नाराजगी
नागालैंड के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा ने इस घटना को बेहद शर्मनाक बताते हुए उत्तर प्रदेश अधिकारियों से सख्त कार्रवाई की मांग की है. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि पूर्वोत्तर की महिलाओं के साथ नस्लीय भेदभाव और यौन उत्पीड़न केवल एक सुर्खी बनकर नहीं रह जाना चाहिए. उन्होंने जोर देकर कहा कि एक सभ्य समाज में महिलाओं की गरिमा से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए.
वही गोरखपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) कौस्तुभ ने पुष्टि की है कि एम्स थाने में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है. सीसीटीवी फुटेज के जरिए आरोपियों की मोटरसाइकिल की पहचान कर ली गई है और उन्हें दबोचने के लिए पुलिस की चार टीमें गठित की गई हैं.
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