भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे अवैध निर्माणों पर चलेगा बुलडोजर, जानें क्या है ऑपरेशन क्लीन?
भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा एजेंसियों ने बुलडोजर एक्शन शुरू कर दिया है. जिसके तहत सीमा से 15 किलोमीटर दायरे में अवैध और संदिग्ध निर्माणों की पहचान की जाएगी.
भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे राजस्थान के जैसलमेर और बाड़मेर जिलों में सुरक्षा एजेंसियों ने सख्त अभियान शुरू कर दिया है. जिसके तहत सीमा सुरक्षा बल और इंटेलीजेंस ब्यूरो की संयुक्त टीम सर्वे करेना शुरू कर दी है. इस ऑपरेशन के तहत सीमा के 15 किलोमीटर के दायरे में अवैध निर्माण का पता किया जा रहा है. जिसमें जिला प्रशासन भी शामिल है.
इस अभियान का नाम 'ऑपरेशन क्लीन' दिया गया है. जिसके तहत लगभग 50 गांवों के संदिग्ध मकानों की जांच की जा रही है. इस दौरान जिन निर्माणओं को अवैध या संदिग्ध पाया गया, उसे बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया जाएगा. सबसे ज्यादा उन निर्माणों की जांच की जाएगी जिसका विशेष निर्माण किया गया हो.
सुरक्षा एजेंसियों की सख्त तैयारी
सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि ऐसे मकानों के मालिकों की विस्तृत पहचान कर उनके वित्तीय स्रोतों की भी जांच की जाएगी. सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में कुछ अवैध निर्माण संदिग्ध गतिविधियों के लिए इस्तेमाल हो सकते हैं. जैसलमेर कलेक्टर अनुपमा जोरवाल ने बताया कि हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बीकानेर में सीमा सुरक्षा को लेकर उच्चस्तरीय बैठक की थी. बैठक में लिए गए फैसलों के अनुपालन में अब यह सर्वे अभियान शुरू किया गया है.
बैंकों को भी खास निर्देश जारी
कलेक्टर जोरवाल ने कहा कि पहले सर्वे पूरा किया जाएगा और फिर संदिग्ध एवं अवैध निर्माणों को चिह्नित कर हटाया जाएगा. सुरक्षा एजेंसियों ने सीमावर्ती क्षेत्रों में बैंकों को सख्त निर्देश दिए हैं कि सभी बैंकिंग लेनदेन का कानूनी और वित्तीय अनुपालन सुनिश्चित किया जाए. स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर फर्जी आधार कार्ड, फर्जी कंपनियों और उनके वित्तीय स्रोतों की गहन जांच की जा रही है.
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सीमावर्ती इलाकों में चार प्रमुख चुनौतियों पर फोकस करते हुए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं. जिसमें सबसे पहला फोकस सीमा पार से घुसपैठ को रोकना है. इसके अलावा नशीले पदार्थों और हथियारों को भी कंट्रोल करना है. इसके अलावा अवैध अतिक्रमण और आतंकवाद को मिल रहे पोषण पर रोक लगाना है. सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों ने भी सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है. सरकार ने आश्वासन दिया है कि वैध मकानों या कृषि संबंधी संरचनाओं पर कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी.
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