पंजाब में वोटर लिस्ट अपडेट अभियान ने पकड़ी रफ्तार, 99.34% घरों तक पहुंचे फॉर्म; 11-12 जुलाई को विशेष कैंप
पंजाब में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान ने रफ्तार पकड़ ली है. 16 दिनों में एक करोड़ से अधिक गणना फॉर्म डिजिटाइज हुए हैं, जबकि राज्य के 99.34 फीसदी घरों तक फॉर्म पहुंचाए जा चुके हैं.
चंडीगढ़: पंजाब में मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाने के लिए चल रहा विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान तेज गति से आगे बढ़ रहा है. अभियान शुरू होने के महज 16 दिनों के भीतर एक करोड़ से ज्यादा गणना फॉर्म डिजिटाइज किए जा चुके हैं. चुनाव आयोग का दावा है कि राज्य के लगभग सभी घरों तक गणना फॉर्म पहुंच चुके हैं. अब विशेष शिविरों के जरिए शेष प्रक्रिया पूरी करने और मतदाताओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है
मुख्य चुनाव अधिकारी अनिंदिता मित्रा ने बताया कि 25 जून से शुरू हुए अभियान में अब तक एक करोड़ से अधिक गणना फॉर्म डिजिटल रिकॉर्ड में शामिल किए जा चुके हैं. इसके साथ ही राज्य के 99.34 फीसदी घरों तक गणना फॉर्म पहुंचाए जा चुके हैं. उनका कहना है कि यह प्रगति मतदाता सूची को अधिक विश्वसनीय और त्रुटिरहित बनाने की दिशा में अहम कदम है.
चुनाव कर्मियों की मेहनत लाई रंग
मुख्य चुनाव अधिकारी ने इस उपलब्धि का श्रेय बूथ लेवल अधिकारियों, सुपरवाइजरों, सहायक चुनाव पंजीकरण अधिकारियों और चुनाव पंजीकरण अधिकारियों को दिया. उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी लगातार फॉर्म बांटने, उन्हें वापस लेने और डिजिटाइज करने का काम कर रहे हैं. यही वजह है कि तय समय के भीतर अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है.
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पूरे राज्य में लगाए जाएंगे विशेष शिविर
मतदाताओं की सुविधा के लिए 11 और 12 जुलाई को पंजाब के सभी 24,453 पोलिंग स्टेशनों पर सुबह 8 बजे से दोपहर 3 बजे तक विशेष कैंप लगाए जाएंगे. इन शिविरों में बचे हुए गणना फॉर्म भरे जाएंगे, जमा किए जाएंगे और डिजिटल रिकॉर्ड में जोड़े जाएंगे. साथ ही मतदाता सूची में नाम, पता या अन्य विवरण से जुड़ी त्रुटियों को भी सुधारा जाएगा.
2.14 करोड़ मतदाताओं तक पहुंचने का लक्ष्य
चुनाव आयोग के अनुसार राज्य के 24,453 बूथ लेवल अधिकारी 25 जून से 24 जुलाई के बीच 2 करोड़ 14 लाख 61 हजार 43 मतदाताओं तक घर-घर पहुंच रहे हैं. इस अभियान का मकसद हर पात्र मतदाता का सही और अद्यतन रिकॉर्ड तैयार करना है ताकि भविष्य के चुनावों में किसी भी योग्य नागरिक का नाम सूची से छूट न जाए.
आगे का कार्यक्रम भी तय
मुख्य चुनाव अधिकारी ने बताया कि 24 जुलाई तक पोलिंग स्टेशनों के पुनर्गठन की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी. इसके बाद 3 अगस्त को मतदाता सूची का प्रारूप प्रकाशित होगा. 3 अगस्त से 2 सितंबर तक दावे और आपत्तियां दर्ज कराई जा सकेंगी, जबकि उनका निपटारा 28 सितंबर तक किया जाएगा. अंतिम मतदाता सूची 1 अक्टूबर 2026 को जारी होगी. उन्होंने सभी नागरिकों से विशेष शिविरों में पहुंचकर अपने वोट संबंधी विवरण की जांच और जरूरत पड़ने पर संशोधन कराने की अपील की.