श्री गुरु रविदास जी का 650वां प्रकाश पर्व पूरे पंजाब में धूमधाम से मनाएगी सरकार
हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि ये सभी कार्यक्रम संतों, महापुरुषों और विद्वानों के मार्गदर्शन में पूरे सम्मान और श्रद्धा के साथ संपन्न कराए जाएंगे.
पंजाब सरकार ने फैसला किया है कि श्री गुरु रविदास जी का 650वां प्रकाश पर्व पूरे श्रद्धा और सम्मान के साथ बड़े स्तर पर मनाया जाएगा. यह आयोजन एक साल तक चलेंगे और इनमें संतों, महापुरुषों, धार्मिक संप्रदायों और समाज के प्रमुख लोगों की सक्रिय भागीदारी रहेगी. इन कार्यक्रमों की शुरुआत 4 फरवरी 2026 को खुरालगढ़ साहिब में श्री अखंड पाठ साहिब के साथ होगी, जबकि समापन फरवरी 2027 में किया जाएगा.
खुरालगढ़ साहिब रहेगा मुख्य केंद्र
सरकार की योजना के अनुसार नवंबर 2026 में खुरालगढ़ साहिब में विशेष कथा-कीर्तन दरबार और बेगमपुरा समागम आयोजित किया जाएगा. इन कार्यक्रमों में धार्मिक संतों के साथ-साथ समाज और अन्य क्षेत्रों की प्रमुख हस्तियां भी शामिल होंगी.
कैबिनेट सब-कमेटी की पहली बैठक
इन आयोजनों की तैयारियों को लेकर कैबिनेट सब-कमेटी की पहली बैठक वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा की अध्यक्षता में हुई. बैठक में कई कैबिनेट मंत्री, विधायक, अधिकारी, संत-महापुरुष, विद्वान और सामाजिक प्रतिनिधि मौजूद रहे. बैठक में पूरे कार्यक्रम की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की गई.
गांव-गांव पहुंचेंगी गुरु जी की शिक्षाएं
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि श्री गुरु रविदास जी के जीवन और शिक्षाओं को आम लोगों तक पहुंचाया जाए. इसके लिए फरवरी 2026 से फरवरी 2027 तक पूरे पंजाब में गांव-गांव कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि समाज में समानता, भाईचारे और मानवता का संदेश फैल सके.
धार्मिक के साथ सामाजिक कार्यक्रम भी शामिल
इन आयोजनों में सेमिनार, कार्यशालाएं, कीर्तन समागम, तीर्थ यात्राएं, स्कूल प्रतियोगिताएं, डॉक्यूमेंट्री शो, ड्रोन शो जैसे कई कार्यक्रम होंगे. इसके अलावा रक्तदान शिविर, पौधारोपण अभियान, मैराथन, शोभा यात्राएं और साइकिल रैलियां भी आयोजित की जाएंगी.
चार बड़ी शोभा यात्राएं और स्मारक सिक्का
सरकार ने बताया कि वाराणसी से खुरालगढ़ साहिब, फरीदकोट, बठिंडा और जम्मू से खुरालगढ़ साहिब तक कुल चार शोभा यात्राएं निकाली जाएंगी. साथ ही, इन आयोजनों के लिए एक विशेष लोगो तैयार किया जाएगा और श्री गुरु रविदास जी की स्मृति में स्मारक सिक्का भी जारी किया जाएगा.
संतों और महापुरुषों की अगुवाई में आयोजन
हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि ये सभी कार्यक्रम संतों, महापुरुषों और विद्वानों के मार्गदर्शन में पूरे सम्मान और श्रद्धा के साथ संपन्न कराए जाएंगे. यह आयोजन समाज को एकजुट करने और गुरु रविदास जी के विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का एक बड़ा प्रयास होंगे.