Punjab Cabinet Meeting: युवाओं के लिए खुशखबरी, 156 इंजीनियरों की भर्ती को मंजूरी; लेक्चररों को आयु सीमा में राहत
पंजाब कैबिनेट ने छात्रों, युवाओं और बाढ़ सुरक्षा से जुड़े कई अहम फैसलों को मंजूरी दी है. NEET री-एग्जाम अभ्यर्थियों को मुफ्त बस यात्रा, भर्ती में आयु छूट और इंजीनियरों की नियुक्ति का रास्ता साफ हुआ.
चंडीगढ़: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अध्यक्षता में हुई पंजाब मंत्रिमंडल की बैठक में जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगाई गई. बैठक में शिक्षा, रोजगार और आपदा प्रबंधन को केंद्र में रखते हुए कई प्रस्तावों को मंजूरी दी गई. सरकार ने NEET री-एग्जाम देने वाले छात्रों को राहत देने के साथ-साथ युवाओं के लिए सरकारी नौकरियों के अवसर बढ़ाने का निर्णय लिया है. इसके अलावा मानसून से पहले संभावित बाढ़ के खतरे से निपटने के लिए भी व्यापक तैयारियों पर जोर दिया गया.
कैबिनेट बैठक में NEET री-एग्जाम में शामिल होने वाले विद्यार्थियों के लिए विशेष सुविधा की घोषणा की गई. सरकार ने तय किया है कि 20, 21 और 22 जून को परीक्षा देने वाले छात्र पंजाब रोडवेज की बसों में निशुल्क यात्रा कर सकेंगे. इस फैसले का उद्देश्य छात्रों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में सुविधा देना और उनके परिवारों पर पड़ने वाले अतिरिक्त खर्च को कम करना है. इससे हजारों अभ्यर्थियों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है.
लेक्चरर भर्ती में आयु सीमा में छूट
राज्य सरकार ने 1013 लेक्चरर पदों की भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने वाले उम्मीदवारों को पांच वर्ष की आयु सीमा छूट देने का फैसला किया है. लंबे समय से भर्ती की प्रतीक्षा कर रहे अभ्यर्थियों के लिए यह निर्णय राहत लेकर आया है. सरकार का मानना है कि इससे अधिक युवाओं को प्रतियोगिता में भाग लेने का अवसर मिलेगा और योग्य उम्मीदवारों के लिए रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे.
Also Read
लोक निर्माण विभाग में होगी भर्ती
पंजाब कैबिनेट ने लोक निर्माण विभाग में 156 इंजीनियरों की सीधी भर्ती को भी मंजूरी प्रदान की है. विभाग में तकनीकी कर्मचारियों की कमी को देखते हुए यह कदम उठाया गया है. अधिकारियों का कहना है कि नई नियुक्तियों से विकास परियोजनाओं को तेजी मिलेगी और विभिन्न निर्माण कार्यों की निगरानी और क्रियान्वयन बेहतर ढंग से हो सकेगा.
मानसून से पहले बाढ़ सुरक्षा पर फोकस
बैठक में मानसून की तैयारियों की भी समीक्षा की गई. वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि नहरों और ड्रेनों की डी-सिल्टिंग का कार्य तेजी से कराया जा रहा है. सरकार का लक्ष्य है कि बारिश शुरू होने से पहले जल निकासी व्यवस्था को मजबूत किया जाए ताकि बाढ़ और जलभराव जैसी स्थितियों से प्रभावी तरीके से निपटा जा सके.
जनहित को प्राथमिकता देने का संदेश
कैबिनेट के फैसलों को सरकार की जनकल्याणकारी सोच से जोड़कर देखा जा रहा है. छात्रों को राहत, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर और बाढ़ सुरक्षा की तैयारियां यह संकेत देती हैं कि सरकार विभिन्न वर्गों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए योजनाएं बना रही है. आने वाले दिनों में इन फैसलों का असर शिक्षा, रोजगार और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में देखने को मिल सकता है.