मजदूर की बेटी ने पास की IIT की प्रवेश परीक्षा, अब 50 हजार रुपये की फीस बनी सबसे बड़ी चुनौती

लुधियाना की होनहार छात्रा हरप्रीत कौर ने IIT गुवाहाटी में दाखिला हासिल कर अपने परिवार का नाम रोशन किया है. लेकिन आर्थिक तंगी के कारण 16 जून तक जमा की जाने वाली 50 हजार रुपये की फीस जुटाना परिवार के लिए बड़ी चुनौती बन गया है.

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Kuldeep Sharma

देश के प्रतिष्ठित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों में प्रवेश पाना लाखों छात्रों का सपना होता है. लुधियाना की हरप्रीत कौर ने अपनी मेहनत और लगन के दम पर यह मुकाम हासिल कर लिया है. उन्हें IIT गुवाहाटी के बीएससी डेटा साइंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पाठ्यक्रम में प्रवेश मिला है. हालांकि सफलता के इस महत्वपूर्ण पड़ाव पर पहुंचने के बाद भी उनका सफर आसान नहीं है. आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से आने वाली हरप्रीत के सामने अब प्रवेश शुल्क जमा करने की चुनौती खड़ी हो गई है.

संघर्षों के बीच हासिल की बड़ी सफलता

हरप्रीत कौर ने सरकारी सीनियर सेकेंडरी रेजिडेंशियल मेरिटोरियस स्कूल से अपनी पढ़ाई पूरी की. उन्होंने वर्ष 2023 में दसवीं कक्षा में 94 प्रतिशत अंक हासिल किए थे जबकि 2025 में बारहवीं की परीक्षा में भी 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए. सीमित संसाधनों और आर्थिक परेशानियों के बावजूद उन्होंने पढ़ाई को कभी प्रभावित नहीं होने दिया. स्कूल के शिक्षकों के अनुसार हरप्रीत शुरू से ही पढ़ाई में अव्वल रही हैं और अपने लक्ष्य को लेकर बेहद गंभीर थीं. यही समर्पण उन्हें देश के प्रतिष्ठित संस्थान तक ले गया है जहां अब वह डेटा साइंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे आधुनिक विषय की पढ़ाई करेंगी.

परिवार की आर्थिक स्थिति बनी बाधा

हरप्रीत के पिता दिहाड़ी मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं जबकि उनकी मां गृहिणी हैं. छह सदस्यों वाले परिवार की मासिक आय लगभग 10 हजार रुपये बताई जाती है. परिवार में हरप्रीत के अलावा तीन छोटे भाई-बहन भी हैं जो पढ़ाई में काफी अच्छे हैं. ऐसे में घर का खर्च चलाना ही मुश्किल है. IIT गुवाहाटी में प्रवेश सुनिश्चित करने के लिए 16 जून तक 50 हजार रुपये जमा करना अनिवार्य है लेकिन परिवार इतनी बड़ी राशि का इंतजाम नहीं कर पा रहा है. यही वजह है कि इस उपलब्धि के बावजूद परिवार चिंता में डूबा हुआ है.


मदद की अपील, उम्मीदों से भरा भविष्य

हरप्रीत का कहना है कि उन्होंने अपने सपनों को पूरा करने के लिए लगातार मेहनत की है और IIT में पढ़ाई का अवसर उनके जीवन की दिशा बदल सकता है. उनका मानना है कि उच्च शिक्षा हासिल कर वह अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने में योगदान दे सकेंगी. शिक्षा जगत से जुड़े लोगों ने भी उनकी उपलब्धि को प्रेरणादायक बताते हुए समाजसेवियों, दानदाताओं और सामाजिक संस्थाओं से आगे आने की अपील की है. उनका कहना है कि प्रतिभा को आर्थिक अभाव के कारण रुकना नहीं चाहिए. यदि समय रहते सहायता मिल जाती है तो हरप्रीत का यह सपना न केवल पूरा होगा बल्कि यह कई अन्य छात्रों के लिए भी प्रेरणा बनेगा.