658 युवाओं को मिला सरकारी नौकरी का तोहफा, CM मान बोले- पंजाब में नहीं हुआ एक भी पेपर लीक

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बठिंडा में 658 युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे. इस दौरान उन्होंने पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया का दावा करते हुए कहा कि राज्य में अब तक 68,288 सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं.

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Kanhaiya Kumar Jha

चंडीगढ़: बठिंडा में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में पंजाब सरकार ने रोजगार को लेकर अपनी उपलब्धियां सामने रखीं. मुख्यमंत्री भगवंत मान ने विभिन्न विभागों में चयनित 658 युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए और इसे युवाओं के भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण कदम बताया. कार्यक्रम के दौरान उन्होंने रोजगार, शिक्षा और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता को सरकार की प्राथमिकता बताया. साथ ही केंद्र सरकार की परीक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए पंजाब मॉडल को बेहतर उदाहरण के रूप में पेश किया.

राज्य स्तरीय समारोह में चयनित युवाओं के चेहरे पर नई जिम्मेदारी और भविष्य की उम्मीद साफ दिखाई दी. मुख्यमंत्री भगवंत मान ने उन्हें नियुक्ति पत्र सौंपते हुए कहा कि सरकारी सेवा केवल रोजगार नहीं बल्कि जनता की सेवा का अवसर भी है. उन्होंने युवाओं से पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ काम करने का आह्वान किया.

68 हजार से अधिक नौकरियों का दावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार बनने के बाद से अब तक 68,288 सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं. उन्होंने इसे राज्य के इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया. उनके अनुसार भर्ती प्रक्रिया को तेज, पारदर्शी और मेरिट आधारित बनाया गया है ताकि योग्य उम्मीदवारों को बिना किसी बाधा के अवसर मिल सकें.


भर्ती प्रक्रिया पर सरकार का जोर

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले सरकारी नौकरियों को लेकर युवाओं के मन में निराशा थी. उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व सरकारों के समय सिफारिश और प्रभाव के आधार पर नियुक्तियां होती थीं. वर्तमान सरकार ने इस व्यवस्था को बदलकर योग्यता को प्राथमिकता दी है, जिससे युवाओं का भरोसा भर्ती प्रणाली पर बढ़ा है.

NEET और पेपर लीक पर केंद्र को घेरा

मुख्यमंत्री ने देशभर में सामने आए परीक्षा विवादों का जिक्र करते हुए कहा कि कई राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाएं पेपर लीक की घटनाओं से प्रभावित हुई हैं. उन्होंने दावा किया कि पंजाब में अब तक किसी भर्ती परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक नहीं हुआ है. उनका कहना था कि मजबूत निगरानी और जवाबदेही से ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है.

शिक्षा को बताया बदलाव की कुंजी

अपने संबोधन में भगवंत मान ने शिक्षा को सामाजिक और आर्थिक बदलाव का सबसे प्रभावी माध्यम बताया. उन्होंने कहा कि योजनाएं अस्थायी राहत दे सकती हैं, लेकिन गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ही स्थायी प्रगति का रास्ता खोलती है. मुख्यमंत्री ने युवाओं से पढ़ाई और कौशल विकास पर ध्यान देने की अपील की तथा बेहतर शिक्षा व्यवस्था को सरकार की प्राथमिकता बताया.