वायरल वीडियो विवाद पर अकाल तख्त पहुंचे सीएम मान, जांच के लिए जताई पूरी सहमति

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कथित वायरल वीडियो को पूरी तरह फर्जी बताते हुए उसकी जांच की मांग की. अकाल तख्त में पेश होकर उन्होंने फोरेंसिक जांच के लिए सहमति दी और अपना पक्ष रखा.

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Sagar Bhardwaj

पंजाब की राजनीति में चर्चा का विषय बने कथित वायरल वीडियो को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अपना पक्ष स्पष्ट किया है. श्री अकाल तख्त साहिब में पेशी के दौरान उन्होंने वीडियो को पूरी तरह से गलत बताते हुए इसकी निष्पक्ष जांच कराने की वकालत की. मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दौर में किसी भी व्यक्ति की भ्रामक वीडियो तैयार की जा सकती है. वहीं, अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए फोरेंसिक जांच को आवश्यक बताया.

मुख्यमंत्री ने वीडियो को बताया फर्जी

श्री अकाल तख्त साहिब में पेशी के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उनके खिलाफ प्रसारित किया जा रहा वीडियो वास्तविक नहीं है. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह स्वयं चाहते हैं कि इसकी वैज्ञानिक जांच हो, ताकि सच सामने आ सके. मुख्यमंत्री का कहना था कि तकनीक के इस युग में एआई की मदद से किसी भी व्यक्ति की छवि को प्रभावित करने वाली सामग्री तैयार की जा सकती है. उन्होंने यह भी कहा कि वह जांच एजेंसियों और फोरेंसिक विशेषज्ञों के साथ पूरा सहयोग देने के लिए तैयार हैं, ताकि किसी प्रकार की शंका या भ्रम की स्थिति समाप्त हो सके.

जत्थेदार ने उठाया चरित्र हनन का मुद्दा

जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने इस मामले को केवल एक राजनीतिक विवाद नहीं, बल्कि सामाजिक और नैतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण बताया. उन्होंने कहा कि यदि कोई वीडियो गलत है तो उसके आधार पर किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए. उनके अनुसार किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले तथ्यों की वैज्ञानिक जांच आवश्यक है. उन्होंने कहा कि यह मामला गुरु साहिबानों के सम्मान और धार्मिक भावनाओं से भी जुड़ा हुआ है, इसलिए इसे गंभीरता से देखा जाना चाहिए.


फोरेंसिक जांच पर बनी सहमति

बैठक के दौरान जत्थेदार ने मुख्यमंत्री से ऐसी दो सरकारी फोरेंसिक प्रयोगशालाओं के नाम देने को कहा, जहां वीडियो की जांच करवाई जा सके. इस पर मुख्यमंत्री ने पूरी सहमति जताई और कहा कि जत्थेदार की निगरानी में किसी भी विश्वसनीय प्रयोगशाला से जांच करवाई जा सकती है. उन्होंने यह भी कहा कि सरकार इस प्रक्रिया में हर संभव सहयोग देने के लिए तैयार है. दोनों पक्षों के बीच इस बात पर सहमति बनी कि सच्चाई सामने लाने के लिए तकनीकी जांच सबसे उपयुक्त माध्यम है.

जांच रिपोर्ट के बाद होगा अगला फैसला

जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब अपने स्तर पर भी दो अलग-अलग फोरेंसिक प्रयोगशालाओं से वीडियो की जांच करवाएगा. साथ ही सरकार भी अपनी ओर से जांच कराएगी. उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि वीडियो गलत साबित होती है तो स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी. वहीं यदि जांच में वीडियो सही पाई जाती है तो उसके बाद के निर्णय पर खालसा पंथ विचार करेगा. फिलहाल सभी की निगाहें फोरेंसिक जांच की रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं, जो इस पूरे विवाद की दिशा तय कर सकती है.