सतलुज किनारे विकास की नई राह, सीएम मान ने रखी 61.82 करोड़ की सड़क परियोजना की नींव
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शाहकोट क्षेत्र में 37.93 किलोमीटर लंबी धुस्सी बांध लिंक सड़क परियोजना की आधारशिला रखी. 61.82 करोड़ रुपये की लागत वाली यह सड़क 15 गांवों के हजारों परिवारों को राहत और बेहतर संपर्क सुविधा देगी.
शाहकोट विधानसभा क्षेत्र में विकास को नई गति देने के उद्देश्य से पंजाब सरकार ने एक महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजना की शुरुआत की है. मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शुक्रवार को सतलुज नदी के किनारे बनने वाली धुस्सी बांध लिंक सड़क का नींव पत्थर रखा. करीब 37.93 किलोमीटर लंबी यह सड़क न केवल क्षेत्र की यातायात व्यवस्था को मजबूत करेगी, बल्कि वर्षों से बाढ़ की समस्या झेल रहे ग्रामीण इलाकों के लिए सुरक्षा कवच का भी काम करेगी. इस परियोजना से हजारों लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिलने की उम्मीद है.
15 गांवों को मिलेगा सीधा फायदा
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि यह सड़क शाहकोट-मोगा-रामपुर मार्ग को गिद्दड़पिंडी धुस्सी बांध से जोड़ेगी. इस परियोजना का लाभ आसपास के लगभग 15 गांवों के हजारों परिवारों तक पहुंचेगा. लंबे समय से क्षेत्र के लोग बेहतर सड़क संपर्क और सुरक्षित आवागमन की मांग कर रहे थे. सड़क बनने के बाद ग्रामीणों को यात्रा में कम समय लगेगा और विभिन्न क्षेत्रों के बीच संपर्क भी मजबूत होगा. इससे दैनिक जीवन से जुड़े कार्यों को आसान बनाने में मदद मिलेगी और स्थानीय विकास को भी बढ़ावा मिलेगा.
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बाढ़ से राहत की उम्मीद
शाहकोट और लोहियां क्षेत्र के लोग वर्षों से बाढ़ के खतरे का सामना करते रहे हैं. बरसात के मौसम में कई गांवों का संपर्क मुख्य मार्गों से टूट जाता था, जिससे लोगों को काफी परेशानियां झेलनी पड़ती थीं. मुख्यमंत्री ने कहा कि नई सड़क धुस्सी बांध को मजबूती देने के साथ-साथ बाढ़ के समय सुरक्षा ढाल का काम करेगी. इससे आपदा के दौरान राहत और बचाव कार्यों को भी गति मिलेगी. स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि यह परियोजना उनके लिए लंबे समय तक लाभकारी साबित होगी.
क्षेत्र की जीवनरेखा बनेगा नया मार्ग
धुस्सी बांध लिंक सड़क को पूरे इलाके की जीवनरेखा माना जा रहा है. अनुमान है कि प्रतिदिन 15 से 16 हजार लोग इस मार्ग का उपयोग करेंगे. यह सड़क शाहकोट-मोगा मार्ग को लोहियां-मक्खू सड़क से जोड़ेगी, जिससे क्षेत्रीय संपर्क और मजबूत होगा. इसके अलावा यह एक प्रभावी बाईपास के रूप में भी कार्य करेगी. इससे मुख्य मार्गों पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा और यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी.
किसानों, छात्रों और व्यापारियों को होगा लाभ
नई सड़क का प्रभाव केवल यातायात तक सीमित नहीं रहेगा. इससे किसानों को अपनी उपज बाजारों तक पहुंचाने में आसानी होगी, जबकि छात्रों को शिक्षण संस्थानों तक बेहतर पहुंच मिलेगी. व्यापारियों के लिए भी माल ढुलाई और आवागमन अधिक सुविधाजनक हो जाएगा. सरकार का मानना है कि यह परियोजना क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी तथा ग्रामीण इलाकों को नई संभावनाओं से जोड़ेगी.