CM भगवंत मान किला रायपुर ग्रामीण ओलंपिक में हुए शामिल, खेलों को नशों के खिलाफ 'सबसे घातक हथियार' बताया
किला रायपुर को पंजाब की खेल शान बहाल करने का प्रतीक बताते हुए भगवंत मान ने 'नई खेल नीति 2023' की सराहना की, जिसके तहत हर गांव में स्टेडियम बनाए जा रहे हैं.
लुधियाना: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज किला रायपुर ग्रामीण ओलंपिक के समापन समारोह में शिरकत की और खेलों को नशों से मुक्ति का सबसे प्रभावी हथियार करार दिया. उन्होंने कहा कि राज्य का आगामी बजट खेलों के क्षेत्र में और अधिक निवेश करेगा, ताकि युवाओं की असीम ऊर्जा को सकारात्मक और रचनात्मक राह मिल सके. मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि जब बच्चे मैदानों पर पसीना बहाकर पदक घर लाएंगे, तो नशा विरोधी किसी अलग अभियान की जरूरत ही नहीं पड़ेगी.
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर बैलगाड़ी दौड़ों की 12 साल बाद हुई वापसी को ग्रामीण संस्कृति की जीवंत झलक बताया. उन्होंने याद दिलाया कि पिछली सरकारों में बंद पड़ी इस परंपरा को 'पंजाब पशु क्रूरता निवारण (पंजाब संशोधन) एक्ट, 2025' के जरिए सुरक्षित ढंग से फिर शुरू किया गया. 11 जुलाई 2025 को विधानसभा में सर्वसम्मति से पास हुए इस कानून ने पशुओं की भलाई सुनिश्चित करते हुए रास्ता साफ किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि बैल हमारे सांस्कृतिक गौरव का हिस्सा हैं, और पहले सिख गुरु श्री गुरु नानक देव जी ने भी करतारपुर में बैलों के साथ खेती की. यह खेल न केवल विरासत को बचाता है, बल्कि युवाओं को नशों और मोबाइल की लत से दूर रखता है.
किला रायपुर को पंजाब की खेल शान बहाल करने का प्रतीक बताते हुए भगवंत मान ने 'नई खेल नीति 2023' की सराहना की, जिसके तहत हर गांव में स्टेडियम बनाए जा रहे हैं. उन्होंने 'खेड्डां वतन पंजाब दियां' कार्यक्रम के तीन सफल सीजन का जिक्र किया, जहां एक ही परिवार की तीन पीढ़ियां हिस्सा लेती दिखीं. मुख्यमंत्री ने गर्व से कहा कि पंजाब आज खेलों में देश का नेतृत्व कर रहा है, और कई राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय टीमों के कप्तान पंजाब से हैं.'युद्ध नशों के खिलाफ' मुहिम पर बात करते हुए उन्होंने खेलों को मुख्य हथियार बताया और कहा कि सरकार पहले से ही बड़े स्तर पर खेलों को बढ़ावा दे रही है.
पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि युवा विकास के महत्वपूर्ण क्षेत्रों को नजरअंदाज किया गया था, लेकिन अब फोकस पूरी तरह युवाओं पर है.विकास घोषणाओं में मुख्यमंत्री ने किला रायपुर के लिए कई ऐलान किए. गांव की फिरनी सड़क को 1.5 करोड़ रुपये से चौड़ा किया जाएगा, 8 एकड़ तालाब का 95 लाख रुपये में सीवेज मॉडल पर सौंदर्यीकरण होगा, लाइब्रेरी को 10 लाख रुपये से अपग्रेड किया जाएगा, 6-ए-साइड हॉकी एस्ट्रोटर्फ के लिए 2 करोड़ रुपये खर्च होंगे, स्टेडियम में फ्लडलाइट लगाई जाएंगी. इसके अलावा डेहलों से पखोवाल सड़क का 30 करोड़ रुपये में नवीनीकरण जल्द शुरू होगा.
स्वास्थ्य योजना पर जोर देते हुए उन्होंने लोगों से 10 लाख रुपये के स्वास्थ्य बीमा कार्ड के लिए नाम दर्ज करवाने की अपील की, जिससे 65 लाख परिवारों को नकद रहित इलाज मिल रहा है. उन्होंने केंद्र से हलवारा हवाई अड्डे का नाम शहीद करतार सिंह सराभा के नाम पर रखने की मांग दोहराई, जिन्होंने 19 साल की उम्र में देश के लिए शहादत दी.
इस मौके पर AAP के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया, कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां, तरुणप्रीत सिंह सौंद सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे. मुख्यमंत्री ने किला रायपुर के निवासियों की एकजुटता की तारीफ की और सभी से राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर गांवों के विकास में योगदान देने की अपील की.यह आयोजन पंजाब की ग्रामीण शक्ति, एकता और सांस्कृतिक गौरव को मजबूत करने वाला साबित हो रहा है, जहां खेल न केवल मनोरंजन हैं, बल्कि नशा मुक्ति और युवा सशक्तिकरण का माध्यम भी बन रहे हैं.