भगवंत मान के वायरल वीडियो केस में फर्जी रिपोर्ट बनाने वाले 2 आरोपी गिरफ्तार
गुरुग्राम पुलिस ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से जुड़े वायरल वीडियो मामले में कथित फर्जी फोरेंसिक रिपोर्ट तैयार करने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया है. मामले की जांच अभी जारी है.
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से जुड़े वायरल वीडियो विवाद में नया मोड़ आ गया है. गुरुग्राम पुलिस ने एक शिकायत के आधार पर कार्रवाई करते हुए दो लोगों को हिरासत में लिया है. आरोप है कि दोनों ने वीडियो से संबंधित एक कथित फर्जी फोरेंसिक रिपोर्ट तैयार कर उसे प्रसारित किया, जिससे मामला और अधिक चर्चा में आ गया.
जांच में सामने आए चौंकाने वाले आरोप
गुरुग्राम पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान अंकित और अरुण के रूप में हुई है. अंकित एक साइबर विशेषज्ञ बताया गया है, जो अनुबंध के आधार पर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के साथ काम कर चुका है. पुलिस का कहना है कि दोनों पर एक वीडियो और उससे जुड़ी कथित फर्जी रिपोर्ट तैयार करने का आरोप है. जांच के दौरान आरोपियों ने दावा किया कि उन्हें यह काम करने के लिए 10 लाख रुपये मिले थे. पुलिस अब इस दावे की भी गहराई से पड़ताल कर रही है.
फोरेंसिक रिपोर्ट को लेकर उठे सवाल
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरोपियों ने किसी मान्यता प्राप्त सरकारी प्रयोगशाला से रिपोर्ट तैयार नहीं कराई थी. शिकायत में कहा गया है कि उन्होंने खुद सामग्री तैयार कर उसे प्रसारित किया. जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इस कथित रिपोर्ट के निर्माण और प्रसार में और कौन लोग शामिल थे. पुलिस ने कहा है कि मामले से जुड़े सभी तथ्यों का सत्यापन विशेषज्ञों की मदद से किया जाएगा.
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वीडियो विवाद और मुख्यमंत्री का पक्ष
यह मामला उस वायरल वीडियो से जुड़ा है, जिस पर विवाद खड़ा हुआ था. भगवंत मान पहले ही इस वीडियो को सुनियोजित साजिश बता चुके हैं. उनका कहना है कि वीडियो में दिखाई देने वाला व्यक्ति वह नहीं, बल्कि उनसे मिलता-जुलता एक अभिनेता है. मुख्यमंत्री ने दावा किया था कि वीडियो के 1,191 फ्रेम की जांच में कहीं भी उनकी पहचान नहीं हुई. वहीं, इस विवाद को लेकर धार्मिक और राजनीतिक स्तर पर भी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं, जबकि पुलिस जांच लगातार आगे बढ़ रही है.