Pahalgam Terror Attack Action: 'हम अपने देश के साथ हैं…' अटारी-वाघा सीमा ट्रेड बंद पर बोले व्यापारी
अमृतसर से 28 किमी दूर स्थित, यह भारत और पाकिस्तान के बीच एकमात्र अनुमत व्यापार मार्ग है और अफगानिस्तान से आयात के लिए महत्वपूर्ण है. यह व्यापार और आयात के लिए एक महत्वपूर्ण मार्ग है.
Attari Wagah Border Close: पाकिस्तान ने भारत के साथ सभी व्यापारिक संबंधों को निलंबित कर दिया है, जिसमें तीसरे देशों से व्यापार भी शामिल है जो पाकिस्तान के रास्ते होकर होता था. इससे अफगानिस्तान के साथ व्यापार भी रुक गया है, खासकर अटारी-वाघा बॉर्डर पर स्थित इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट (ICP) के माध्यम से. यह स्थिति स्थानीय अर्थव्यवस्था को प्रभावित करेगी, खासकर छोटे व्यापारियों और उद्योगों को, जिनकी आजीविका इस व्यापार पर निर्भर है.
अटारी-वाघा सीमा भारत और पाकिस्तान के बीच एकमात्र वैध व्यापारिक मार्ग है. यह अफगानिस्तान से आयातित सामान के लिए भी महत्वपूर्ण है. पुलवामा आतंकवादी हमले के बाद, भारत सरकार ने पाकिस्तान से आयात पर कस्टम ड्यूटी 200% तक बढ़ा दी थी, जिससे पाकिस्तान से आयात लगभग रुक गया.
पाकिस्तान से व्यापार पर प्रतिबंध
2019 में, जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त करने के बाद पाकिस्तान ने भारत से सभी व्यापारिक संबंधों को समाप्त कर दिया था. इसके साथ ही पाकिस्तान ने अफगानिस्तान को भारत से सामान निर्यात करने से भी रोक दिया था, हालांकि अफगानिस्तान से सूखे मेवे जैसे सामान का आयात सामान्य रूप से चलता रहा.
पंजाब की अर्थव्यवस्था पर असर
पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री पंजाब चैप्टर के अध्यक्ष आरएस सचदेवा ने कहा, 'यह पंजाब की बदकिस्मती है कि अटारी-वाघा बॉर्डर के जरिए व्यापार बंद हो गया है. इससे राज्य की अर्थव्यवस्था और विकास पर असर पड़ेगा. पहले इस मार्ग से 10,000 लोग जुड़े थे, अब यह संख्या घटकर 400-500 रह गई है.'
व्यापारियों के लिए मुश्क्लि
सूखे मेवे के व्यापारी मुकेश सिद्धवानी ने कहा, 'हालांकि पाकिस्तान ने व्यापार बंद कर दिया है, लेकिन हम पहले अपने देश के साथ हैं. हम वैकल्पिक मार्गों की तलाश करेंगे.' इसी तरह, व्यापारी राजदीप सिंह उप्पल ने कहा, 'हम सरकार के निर्णय के साथ हैं और इसका समर्थन करते हैं.' गन्ने का रस बेचने वाले धर्म सिंह ने कहा, "इस ICP से 50 गांवों के लोग रोजगार पाते थे. व्यापार बंद होने से लोगों की आजीविका पर असर पड़ेगा, खासकर पोर्टर्स, श्रमिकों और खाने-पीने के ठेले वालों पर.'
न्याय की मांग
गुंबीर सिंह, सीआईआई पंजाब के पूर्व अध्यक्ष ने कहा, 'पाहलगाम त्रासदी के दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए, लेकिन अटारी-वाघा सीमा पर व्यापार प्रतिबंध को समझना मुश्किल है. यह पंजाब के लोगों के लिए सजा जैसा है, जो नाइंसाफी है.'
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