बेटे की मन्नत पूरी होते ही शिरडी पहुंचे पिता, साईं बाबा को चढ़ाया 14 लाख का सोने का मुकुट

रायपुर के साईं भक्त ताराचंद चोपकर ने बेटे की मन्नत पूरी होने के बाद शिरडी साईं बाबा मंदिर में करीब 14 लाख रुपये का सोने का मुकुट अर्पित किया. करीब 9 तोले के इस नक्काशीदार मुकुट को लेकर वह परिवार के साथ शिरडी पहुंचे.

Pinterest (प्रतिकात्मक)
Reepu Kumari

मुंबई: किसी के लिए मंदिर जाना महज एक यात्रा हो सकती है, लेकिन कुछ लोगों के लिए यह आस्था और भावनाओं से जुड़ा रिश्ता बन जाता है. रायपुर के रहने वाले ताराचंद चोपकर का साईं बाबा से ऐसा ही गहरा जुड़ाव है. वह बताते हैं कि करीब 55 वर्षों से शिरडी आकर बाबा के दर्शन करते रहे हैं. समय बदला, परिवार बढ़ा और जिंदगी आगे बढ़ती रही, लेकिन साईं बाबा के प्रति उनकी श्रद्धा लगातार बनी रही.

बेटे की मन्नत पूरी हुई तो लेकर पहुंचे खास भेंट

अब बेटे की एक मन्नत पूरी होने के बाद ताराचंद अपने परिवार के साथ रायपुर से शिरडी पहुंचे. इस बार उनके साथ एक खास भेंट थी, जिसे वह साईं बाबा के चरणों में अर्पित करना चाहते थे. परिवार सोने का नक्काशीदार मुकुट लेकर मंदिर पहुंचा. मंदिर की प्रक्रिया के अनुसार मुकुट बाबा को अर्पित किया गया. इस मौके पर मंदिर प्रशासन की ओर से ताराचंद चोपकर और उनके परिवार का सम्मान भी किया गया.

मुकुट की कीमत करीब 14 लाख रुपये

ताराचंद चोपकर के मुताबिक, साईं बाबा को चढ़ाया गया मुकुट करीब 9 तोले सोने से बना है. इस पर बारीक नक्काशी की गई है और इसकी कीमत करीब 14 लाख रुपये बताई गई है. हालांकि परिवार के लिए इस मुकुट की अहमियत सिर्फ उसकी कीमत तक सीमित नहीं है. उनके लिए यह उस विश्वास की निशानी है, जिसे उन्होंने लंबे समय से बाबा के साथ जोड़े रखा है और बेटे की मन्नत पूरी होने पर अपनी श्रद्धा के रूप में अर्पित किया है.


55 साल की श्रद्धा में और गहरी हुई आस्था

ताराचंद का कहना है कि साईं बाबा की उनके और उनके परिवार पर बहुत कृपा रही है. वह करीब 55 वर्षों से शिरडी आते रहे हैं और इतने लंबे समय में उनकी श्रद्धा और मजबूत होती गई. उनके मुताबिक, बाबा को अर्पित किया गया यह मुकुट केवल एक कीमती वस्तु नहीं है. इसके पीछे परिवार की भावनाएं, विश्वास और वह मन्नत जुड़ी है, जिसके पूरा होने के बाद उन्होंने इसे बाबा के दरबार में समर्पित किया.

शिरडी में हर दिन पहुंचते हैं हजारों श्रद्धालु

शिरडी का साईं बाबा मंदिर देश और दुनिया के श्रद्धालुओं के लिए आस्था का बड़ा केंद्र है. यहां हर दिन हजारों लोग बाबा के दर्शन के लिए पहुंचते हैं. कोई नौकरी की मन्नत लेकर आता है, तो कोई परिवार की खुशहाली की प्रार्थना करता है. कई भक्त मनोकामना पूरी होने के बाद अपनी श्रद्धा के अनुसार बाबा को भेंट चढ़ाते हैं. ताराचंद चोपकर का यह मुकुट भी ऐसी ही एक पूरी हुई मन्नत और लंबे विश्वास से जुड़ी भेंट है.