दूषित पानी के बाद अब इंदौर में नकली पान मसाला फैक्ट्री पर छापा, लाखों का सामान जब्त

इंदौर में पुलिस ने नकली पान मसाला बनाने वाले एक कारखाने का भंडाफोड़ किया है. विमल ब्रांड के नाम से तैयार हो रहा नकली माल जब्त किया गया है और तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है.

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Kanhaiya Kumar Jha

इंदौर: मध्य प्रदेश के इंदौर में खाद्य मिलावट से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है. पुलिस ने कनाड़िया क्षेत्र में चल रहे नकली पान मसाला कारखाने पर छापा मारकर अवैध कारोबार का खुलासा किया है. यहां नामी कंपनी के ब्रांड का इस्तेमाल कर नकली पान मसाला तैयार किया जा रहा था. कार्रवाई के दौरान भारी मात्रा में कच्चा माल, मशीनें और तैयार उत्पाद जब्त किए गए हैं. पुलिस ने तीन आरोपियों को हिरासत में लिया है.

एसीपी कुंदन मंडलोई के अनुसार पुलिस को एक मुखबिर से सूचना मिली थी कि कनाड़िया क्षेत्र के सहारा सिटी से बिचोली मर्दाना स्थित एक मकान में संदिग्ध गतिविधियां चल रही हैं. बताया गया कि यहां घर के अंदर नकली पान मसाला बनाकर बाजार में सप्लाई किया जा रहा है. सूचना की गंभीरता को देखते हुए तुरंत कार्रवाई की योजना बनाई गई और स्थानीय पुलिस को अलर्ट किया गया.

मकान पर पुलिस की दबिश

सूचना मिलते ही टीआई यादव के नेतृत्व में पुलिस टीम ने बताए गए मकान पर दबिश दी. तलाशी के दौरान पुलिस को अंदर का नजारा देखकर हैरानी हुई. वहां पान मसाला बनाने से जुड़ी कई मशीनें और कच्चा माल रखा हुआ था. पुलिस को साफ संकेत मिले कि यह कोई छोटा काम नहीं बल्कि संगठित तरीके से चलाया जा रहा अवैध कारोबार है. मौके पर बड़ी मात्रा में माल तैयार किया जा रहा था.

नकली फैक्ट्री से क्या-क्या बरामद?

पुलिस ने मौके से पाउच पैकिंग मशीन, पाउच सीलिंग मशीन, सुपारी ओवन ड्रायर, सुपारी कटर मशीन और विमल ब्रांड के रोल बरामद किए. इसके अलावा मैग्नीशियम कार्बोनेट, कत्था, चूना, तंबाकू से जुड़ी सामग्री और थैलियों में भरा नकली पान मसाला जब्त किया गया. यह पूरा सेटअप एक अवैध फैक्ट्री की तरह काम कर रहा था, जहां ब्रांडेड कंपनी के नाम पर नकली उत्पाद तैयार किए जा रहे थे.

तीन आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों को आरोपी बनाया है. गिरफ्तार किए गए आरोपियों में अक्षत निवासी स्नेह नगर, जावेद निवासी सनावद और अरूण निवासी पालघर मुंबई शामिल हैं. बताया जा रहा है कि इनमें से एक कारोबारी मुंबई से जुड़ा हुआ है. पुलिस का मानना है कि यह नेटवर्क अन्य शहरों तक भी फैला हो सकता है और नकली पान मसाला लंबे समय से बाजार में खपाया जा रहा था.

कॉपीराइट एक्ट में कार्रवाई

पुलिस ने मामले में कॉपीराइट एक्ट के तहत कार्रवाई की है. नकली ब्रांड का इस्तेमाल कर उपभोक्ताओं को धोखा देना और स्वास्थ्य से खिलवाड़ करना इस अपराध को गंभीर बनाता है. फिलहाल पुलिस आगे की जांच में जुटी हुई है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि नकली पान मसाला किन किन इलाकों में सप्लाई किया गया. अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की गतिविधियों पर आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी.