इंदौर में नहीं थम रहा गंदे पानी का कहर! डायरिया के 5 नए मरीज भर्ती, 8 की हालत गंभीर!

मध्यप्रदेश के इंदौर में गंदे पानी की वजह से लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही है. सीएमएचओ ने बताया कि कुछ दिनों के भीरत कुल 436 मरीज आ चुके हैं.

X (@imayankindian)
Shanu Sharma

देश के सबसे साफ शहर इंदौर में गंदे पानी के कारण कई लोगों की मौत हो गई. इसके बाद अब भागीरथपुरा इलाके में दूषित पेयजल के कारण उल्टी-दस्त की समस्या ने पूरे इलाके को प्रभावित कर दिया है. स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार स्थिति पर नजर रखी जा रही है.

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. माधव प्रसाद हसानी ने बताया कि 29 दिसंबर से अब तक कुल 436 मरीजों को विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है. हालांकि इनमें से 403 लोगों को छुट्टी दे दी गई. वहीं 8 की हालत गंभीर है.

स्थानीय लोगों के आरोप और मौतों का ऑडिट

ओपीडी में मंगलवार को भी 5 नए डायरिया के मरीज सामने आए, जो स्पष्ट संकेत देता है कि संक्रमण का खतरा अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है. स्वास्थ्य टीमें लगातार क्षेत्र में सर्वे और जागरूकता अभियान चला रही हैं ताकि नए मामलों को रोका जा सके. प्रभावित इलाके के निवासियों का आरोप है कि नगर निगम की पेयजल पाइपलाइनों में सीवेज का गंदा पानी मिलने के कारण यह महामारी फैली. लीकेज की वजह से दूषित पानी घर-घर पहुंचा, जिससे 6 महीने के मासूम बच्चे से लेकर बुजुर्गों तक कई लोग इसकी चपेट में आए.

महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज की एक विशेष कमेटी ने 21 मौतों का ऑडिट किया और रिपोर्ट कलेक्टर शिवम वर्मा को सौंपी. रिपोर्ट के अनुसार, इनमें से 15 मौतों का सीधा संबंध उल्टी-दस्त और दूषित पानी से जुड़ा पाया गया है. कुछ मामलों में मौत का सटीक कारण स्पष्ट नहीं हो सका, जबकि प्रशासन का कहना है कि कुछ मौतें अन्य स्वास्थ्य कारणों से भी हुईं. कलेक्टर ने इस रिपोर्ट पर विस्तृत टिप्पणी से परहेज किया, लेकिन उन्होंने सभी मौतों को दुखद बताया.

पीड़ितों को मदद पहुंचाने की कोशिश

जिला प्रशासन ने अब तक 18 प्रभावित परिवारों को 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की है, जबकि तीन अन्य परिवारों को यह मदद जल्द मुहैया कराई जा रही है. कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा कि भागीरथपुरा में हुई सभी मौतें अत्यंत दु:खद हैं, चाहे वे किसी भी कारण से हुई हों. हम पीड़ित परिवारों के साथ हैं और उन्हें हर संभव सहायता दे रहे हैं. उन्होंने आश्वासन दिया कि मौतों के कारणों का गहन विश्लेषण किया जाएगा और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे. इसमें पाइपलाइनों की मरम्मत, नियमित जांच और जल आपूर्ति प्रणाली की मजबूती पर विशेष जोर दिया जाएगा.