योग की जगह नमाज सिखाने के आरोप में मुस्लिम शिक्षक निलंबित, जांच शुरू

मध्य प्रदेश में सरकारी स्कूल के शिक्षक को हिंदू छात्रों को योग के नाम पर नमाज जैसे आसन सिखाने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है. हिंदू जागरण मंच के विरोध के बाद प्रशासन ने कार्रवाई की.

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Kanhaiya Kumar Jha

बुरहानपुर: मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले में एक सरकारी स्कूल के शिक्षक को हिंदू छात्रों को योग और सूर्य नमस्कार की आड़ में नमाज के आसन सिखाने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है. यह मामला तेजी से राजनीतिक और सांप्रदायिक विवाद का रूप ले चुका है, जिसके बाद जिला प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है.

घटना शाहपुर थाना क्षेत्र के देवहारी गांव के शासकीय माध्यमिक विद्यालय की है. यहां तैनात शिक्षक जाबूर तड़वी पर आरोप है कि उन्होंने योग कक्षा के दौरान हिंदू छात्रों को नमाज जैसे आसन करने को कहा. शिकायत के बाद ग्रामीणों और हिंदू जागरण मंच के सदस्यों ने विरोध प्रदर्शन किया, जिसके चलते शिक्षा विभाग ने तड़वी को तुरंत निलंबित कर दिया.

दिवाली अवकाश के दौरान कुछ अभिभावकों ने लगाए थे आरोप

अधिकारियों के अनुसार, दिवाली अवकाश के दौरान कुछ अभिभावकों ने आरोप लगाया था कि बच्चों को योगाभ्यास के नाम पर नमाज जैसी मुद्रा अपनाने को कहा जा रहा है. स्कूल प्रशासन ने मामले की जानकारी जिला शिक्षा अधिकारी को दी, जिन्होंने जांच टीम गठित कर रिपोर्ट मांगी.

हिंदू जागरण मंच के जिला समन्वयक अजीत परदेशी ने शिक्षक पर जानबूझकर धार्मिक भावनाएं भड़काने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट रूप से धर्मांतरण की कोशिश है. सरकारी स्कूल में बच्चों को योग की जगह नमाज़ पढ़ाई जा रही थी. प्रशासन को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए.

आरोपी शिक्षक ने आरोपों को बताया निराधार

वहीं, आरोपी शिक्षक जाबूर तड़वी ने सभी आरोपों से इनकार किया है. उन्होंने कहा कि वे छात्रों को शशांकासन सिखा रहे थे, जो एक सामान्य योगासन है और योग के सरकारी पाठ्यक्रम का हिस्सा है. उन्होंने कहा कि इस आसन की मुद्रा नमाज जैसी लग सकती है, लेकिन यह पूरी तरह योग है. मेरा पक्ष सुने बिना मुझे निलंबित कर दिया गया, जो अन्याय है.

क्या कहा अतिरिक्त कलेक्टर ने?

बुरहानपुर के अतिरिक्त कलेक्टर वीर सिंह चौहान ने निलंबन की पुष्टि करते हुए कहा कि जांच पूरी होने तक शिक्षक को सेवा से अलग रखा गया है. उन्होंने कहा कि प्राथमिक जांच में शिकायतें सामने आई हैं. निष्पक्ष जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.

मुस्लिम संगठनों ने की निष्पक्ष जांच की मांग

इस बीच, स्थानीय मुस्लिम संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने तड़वी के समर्थन में प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है. उनका कहना है कि योगासन को गलत ढंग से धार्मिक चश्मे से देखा जा रहा है और यह मामला भ्रम और गलतफहमी पर आधारित है.

बुरहानपुर का यह मामला अब प्रदेश की राजनीति में भी चर्चा का विषय बन गया है, जहां विपक्ष इसे धार्मिक ध्रुवीकरण का उदाहरण बता रहा है, जबकि कुछ संगठनों ने इसे हिंदू परंपराओं की रक्षा का मुद्दा बताया है.