कर्नाटक: कावेरी जल विवाद पर राज्यव्यापी बंद, कन्नड़ संगठनों का आह्वान

Karnataka Bandh: कर्नाटक में कन्नड़ कार्यकर्ताओं और संगठनों ने गुरुवार को राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया है. यह बंद कावेरी नदी का पानी तमिलनाडु को छोड़े जाने के विरोध में है.

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Shilpa Srivastava

Karnataka Bandh: कर्नाटक में कन्नड़ कार्यकर्ताओं और संगठनों ने गुरुवार को राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया है. यह बंद कावेरी नदी का पानी तमिलनाडु को छोड़े जाने के विरोध में है. संगठन दोनों राज्यों के बीच अंतरराज्यीय बॉर्डर को जाम करने की चेतावनी भी दे रहे हैं.  बता दें कि 12 घंटे का यह बंद सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक रहेगा.  

कन्नड़ संगठनों के बीच बंद को लेकर कुछ मतभेद थे. लेकिन कार्यकर्ता वटाल नागराज ने सोमवार को साफ कहा था कि बंद गुरुवार को तय कार्यक्रम के अनुसार होगा. संगठन जल्द बैठक करके आगे की रणनीति तय करेंगे. नागराज ने ने बताया कि बेलगावी से चामराजनगर और मंगलुरु से कोलार तक 2,000 से ज्यादा संगठन राज्य के हित में बंद का समर्थन कर रहे हैं. छात्रों ने भी समर्थन दिया है. 


कौन-कौन सी सेवाएं प्रभावित होंगी?

सार्वजनिक परिवहन, टैक्सी और ऑटो रिक्शा सेवाएं प्रभावित होंगी. होटल, दुकानें और अन्य व्यापारिक प्रतिष्ठान भी बंद रह सकते हैं. बेंगलुरु सबसे ज्यादा प्रभावित शहर हो सकता है. प्रदर्शनकारी कई मुख्य सड़कों को जाम कर सकते हैं. हालांकि निजी दफ्तर सामान्य रूप से चलेंगे. इमरजेंसी सर्विसेज जैसे अस्पताल, दवा की दुकानें और बैंक खुले रहेंगे.

स्कूल खुले रहेंगे या बंद?

स्कूल खुले रहेंगे. कर्नाटक एसोसिएटेड मैनेजमेंट ऑफ स्कूल्स (केएएमएस) ने बंद से अपना समर्थन वापस ले लिया है. केएएमएस महासचिव डी. शशिकुमार ने कहा कि स्कूल के शिक्षक और गैर-शिक्षण कर्मचारी प्रतीकात्मक रूप से काली रिबन या काली पट्टी पहन सकते हैं.

बंद क्यों बुलाया गया?

कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (सीडब्ल्यूएमए) ने कावेरी जल विनियमन समिति (सीडब्ल्यूआरसी) के पहले के आदेश को बरकरार रखा. इसमें कर्नाटक को 15 दिनों के लिए तमिलनाडु को 3,500 क्यूसेक कावेरी पानी छोड़ने को कहा गया था.  कर्नाटक ने पहले अपने जलाशयों में पानी कम होने का हवाला देते हुए पानी छोड़ने में असमर्थता जताई थी. बाद में राज्य के जलग्रहण क्षेत्रों में अच्छी बारिश होने पर पानी छोड़ना शुरू किया. इसके अलावा आंदोलनकारी मेकेदातु परियोजना पर तमिलनाडु की आपत्तियों का भी विरोध कर रहे हैं.