परिमल नथवानी कौन हैं? झारखंड राज्यसभा चुनाव में BJP समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार का जानें राजनीतिक सफर
नथवानी 2008 से 2020 तक झारखंड से दो बार राज्यसभा सांसद रहे. इस दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण संसदीय समितियों में भी काम किया. अब वे झारखंड से ही तीसरी बार चुनाव लड़ रहे हैं. इस बार वे निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मैदान में हैं और BJP ने उन्हें अपना समर्थन दिया है.
झारखंड: झारखंड में राज्यसभा सीट के लिए BJP के समर्थन वाले निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नथवानी ने सोमवार को अपना नामांकन दाखिल कर दिया. नामांकन के समय BJP के रांची विधायक सीपी सिंह और हटिया विधायक नवीन जायसवाल भी उनके साथ मौजूद रहे.
परिमल नथवानी राज्यसभा के अनुभवी सदस्य हैं. वे तीन बार संसद के ऊपरी सदन यानी राज्यसभा के सांसद रह चुके हैं. उन्होंने झारखंड से दो बार और आंध्र प्रदेश से एक बार सांसद के रूप में सेवा की है.
राजनीतिक सफर
नथवानी 2008 से 2020 तक झारखंड से दो बार राज्यसभा सांसद रहे. इस दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण संसदीय समितियों में भी काम किया. अब वे झारखंड से ही तीसरी बार चुनाव लड़ रहे हैं. इस बार वे निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मैदान में हैं और BJP ने उन्हें अपना समर्थन दिया है.
नामांकन दाखिल करने के बाद नथवानी ने मीडिया से बात करते हुए कहा- 'मैं पिछले 12 साल से झारखंड में हूं. यह राज्य मेरे लिए नया नहीं है. यहां मैंने जो काम किया है, वह जनता देख रही है. उसी काम के आधार पर मैं वोट मांग रहा हूं. काम बोलता है, इसलिए इसे जारी रखना जरूरी है.' उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात की है और कांग्रेस के विधायकों से भी समर्थन की अपील की है.
अनुभव और विकास कार्य
परिमल नथवानी को झारखंड की राजनीति और विकास कार्यों का अच्छा अनुभव है. वे लंबे समय से राज्य में सक्रिय रहे हैं. पहले YSR कांग्रेस पार्टी के टिकट पर आंध्र प्रदेश से भी राज्यसभा पहुंच चुके हैं. उनकी संसदीय गतिविधियां हमेशा सक्रिय रही हैं. BJP के समर्थन से निर्दलीय रूप में चुनाव लड़ने के फैसले को राजनीतिक गलियारों में काफी चर्चा मिल रही है. पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि नथवानी का अनुभव और राज्य में उनका लंबा जुड़ाव उन्हें मजबूत उम्मीदवार बनाता है.
परिमल नथवानी एक सीनियर नेता हैं जिन्होंने तीन बार राज्यसभा का चुनाव जीता है. वे विकास कार्यों पर जोर देते हैं और कहते हैं कि उनकी उपलब्धियां खुद बोलती हैं. इस बार झारखंड की जनता और विधायकों का समर्थन मिलने पर वे फिर से संसद पहुंचना चाहते हैं. नामांकन के बाद से राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. सभी पार्टियां अपनी रणनीति बना रही हैं. परिमल नथवानी का यह चुनाव झारखंड की राजनीति में एक नया मोड़ साबित हो सकता है.