FIFA World Cup 2026

सुनील महतो हत्याकांड की मुख्य आरोपी नक्सली शकुंतला ने किया सरेंडर, फिर चर्चा में आया 17 साल पुराना खूनी अध्याय

झारखंड के चर्चित सुनील महतो हत्याकांड की मुख्य आरोपी और कुख्यात नक्सली शकुंतला उर्फ पुष्पा ने कोलकाता पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है. पूर्वी सिंहभूम के फुटबॉल मैदान में हुए इस बहुचर्चित हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया था.

X (@airnewsalerts)
Shanu Sharma

झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले से जुड़े चर्चित सुनील महतो हत्याकांड की मुख्य आरोपी और कुख्यात नक्सली शकुंतला उर्फ पुष्पा ने कोलकाता की लालबाजार पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है. उसके सरेंडर के साथ ही नक्सल आंदोलन के उस हिंसक दौर की यादें फिर ताजा हो गई हैं, जिसने कभी झारखंड और पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती इलाकों में दहशत का माहौल पैदा कर दिया था.

शकुंतला का नाम उस हमले से जुड़ा है जिसमें जमशेदपुर के तत्कालीन सांसद सुनील महतो समेत चार लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. यह घटना उस समय देशभर में चर्चा का विषय बनी थी और नक्सली हिंसा की सबसे सनसनीखेज घटनाओं में गिनी गई थी.

फुटबॉल मैच के बीच बरसी थीं गोलियां

मार्च 2004 में पूर्वी सिंहभूम के बाकुरिया गांव में एक फुटबॉल प्रतियोगिता आयोजित की गई थी. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में तत्कालीन सांसद सुनील महतो पहुंचे थे. मैदान में उनका स्वागत किया गया और मैच का माहौल उत्साहपूर्ण था.


इसी दौरान हथियारबंद नक्सलियों का एक समूह अचानक मैदान में पहुंचा और अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी. हमले में सांसद सुनील महतो, उनके दो सुरक्षा कर्मी और एक झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) नेता की मौके पर ही मौत हो गई. अचानक हुई गोलीबारी से मैदान में अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाकर भागने लगे. इस घटना ने पूरे राज्य को झकझोर दिया था और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए थे.

बदले की भावना से रची गई थी साजिश

जांच और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, शकुंतला इस हमले को अपने साथियों की मौत का बदला मानती थी. बताया जाता है कि पूर्वी सिंहभूम के लांगो गांव में ग्रामीणों द्वारा 11 नक्सलियों की हत्या के बाद संगठन के भीतर बदले की भावना मजबूत हो गई थी. नक्सलियों का आरोप था कि उस घटना के पीछे तत्कालीन सांसद की भूमिका रही थी. इसी कारण उन्हें निशाना बनाने की योजना तैयार की गई. बाद में फुटबॉल मैदान में हुए हमले को इसी प्रतिशोध का हिस्सा माना गया. शकुंतला पश्चिम बंगाल के झारग्राम क्षेत्र के बेलपहाड़ी इलाके की रहने वाली बताई जाती है. बेहद कम उम्र में उसने नक्सली संगठन का दामन थाम लिया था.