'सोशल मीडिया पर क्रिमिनल ग्रुप के थे 'दीवाने', प्रिंसिपल की हत्या करने वाले चारों छात्रों के बारे में पुलिस का खुलासा
हिसार पुलिस ने खुलासा किया कि इन नाबालिगों पर सोशल मीडिया पर सक्रिय आपराधिक समूहों का प्रभाव था. सीसीटीवी फुटेज में दो लड़के घटनास्थल से भागते दिखे, लेकिन आगे की जांच में पता चला कि साजिश में चार छात्र शामिल थे.
हरियाणा के हिसार जिले में कार्तर मेमोरियल सीनियर सेकेंडरी स्कूल के प्रिंसिपल की हत्या ने स्थानीय समुदाय को हैरान कर दिया है. इस सनसनीखेज मामले में चार नाबालिग छात्रों को गिरफ्तार किया गया है, जिन्होंने प्रिंसिपल की डांट को व्यक्तिगत दुश्मनी मानकर इस अपराध को अंजाम दिया.
न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत में हांसी के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अमित यशवर्धन ने बताया, “प्रिंसिपल को इलाज के लिए एक निजी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में उनकी मृत्यु हो गई. पोस्टमॉर्टम में तीन चाकू के घाव पाए गए. चार स्कूली छात्रों को घटनास्थल से भागते हुए देखा गया था.” आज सुबह पुलिस को सूचना मिली कि ये चारों आरोपी स्कूल यूनिफॉर्म में मुंधल बस स्टेशन पर देखे गए. पुलिस ने तुरंत छापेमारी कर इन नाबालिगों को हिरासत में लिया.
आखिर अपराध के पीछे की क्या है वजह!
एसपी यशवर्धन ने बताया कि जांच में सामने आया कि प्रिंसिपल इन छात्रों को सुधार के लिए डांटते थे. “वे उन्हें नशे से दूर रहने, अनुशासन के लिए बाल छोटे रखने और स्कूल में निषिद्ध वस्तुएं न लाने की सलाह देते थे. इन नाबालिगों ने प्रिंसिपल की टिप्पणियों को दुश्मनी के रूप में लिया और इस अपराध को अंजाम दिया.”
सोशल मीडिया का प्रभाव और साजिश
हरियाणा पुलिस ने खुलासा किया कि इन नाबालिगों पर सोशल मीडिया पर सक्रिय आपराधिक समूहों का प्रभाव था. सीसीटीवी फुटेज में दो लड़के घटनास्थल से भागते दिखे, लेकिन आगे की जांच में पता चला कि साजिश में चार छात्र शामिल थे. एसपी ने बताया, “दो छात्र घटनास्थल पर मौजूद थे, जबकि दो अन्य ने हथियार उपलब्ध कराए. उनकी उम्र 14 से 15 साल के बीच है.
कानूनी कार्रवाई
नाबालिग होने के कारण पुलिस ने आरोपियों की पहचान उजागर नहीं की है. सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले की गहन जांच जारी है. यह घटना नाबालिगों पर सोशल मीडिया के नकारात्मक प्रभाव और स्कूलों में अनुशासन के महत्व को रेखांकित करती है.