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हरियाणा में मल्टी-फ्लैट सिस्टम पर रोक, अब एक फ्लोर पर एक ही घर; नया हाउसिंग नियम जारी

हरियाणा सरकार ने बहुमंजिला भवनों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नया प्रस्ताव तैयार किया है. इसके तहत एक मंजिल पर केवल एक फ्लैट बनाने की अनुमति होगी. लोगों से 25 जुलाई तक सुझाव मांगे गए हैं.

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Kanhaiya Kumar Jha

चंडीगढ़: हरियाणा के तेजी से विकसित हो रहे शहरों में आवासीय भवनों के निर्माण नियमों में बड़ा बदलाव प्रस्तावित किया गया है. सरकार ने बहुमंजिला इमारतों में बढ़ती आबादी और सुरक्षा संबंधी चुनौतियों को देखते हुए बिल्डिंग कोड में संशोधन का ड्राफ्ट जारी किया है. प्रस्ताव के अनुसार अब एक मंजिल पर केवल एक स्वतंत्र आवासीय यूनिट ही बनाई जा सकेगी. सरकार का मानना है कि इससे आग, भूकंप और अन्य आपात स्थितियों में राहत एवं बचाव कार्य अधिक प्रभावी ढंग से किए जा सकेंगे.

नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग ने भवन निर्माण नियमों में बदलाव का प्रारूप जारी किया है. विभाग का कहना है कि हाल के वर्षों में कई शहरों में आग लगने की घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े किए हैं. इसी वजह से भवनों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए नए नियम प्रस्तावित किए गए हैं.

एक मंजिल पर अब केवल एक घर

प्रस्तावित नियमों के अनुसार किसी भी आवासीय भवन में अधिकतम चार मंजिलों का निर्माण किया जा सकेगा. प्रत्येक मंजिल पर केवल एक स्वतंत्र आवासीय यूनिट बनाने की अनुमति होगी. इससे पहले कई स्थानों पर एक ही मंजिल को दो या तीन फ्लैटों में विभाजित कर दिया जाता था, जिससे भवनों में भीड़ बढ़ जाती थी.


किन शहरों पर पड़ेगा असर

गुरुग्राम, फरीदाबाद, पंचकूला, करनाल, हिसार, झज्जर, रोहतक और सोनीपत जैसे शहरों में बड़ी संख्या में ऐसे भवन मौजूद हैं, जहां एक ही मंजिल पर कई फ्लैट विकसित किए गए हैं. सरकार का मानना है कि इन शहरों में तेजी से बढ़ती आबादी के बीच नए नियम भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों को कम करने में मदद करेंगे.

राहत और बचाव कार्य होंगे आसान

विशेषज्ञों का कहना है कि एक ही मंजिल पर अधिक फ्लैट होने से आपदा की स्थिति में लोगों को बाहर निकालना कठिन हो जाता है. भवन निर्माण के दौरान सीढ़ियां, पार्किंग, निकासी मार्ग और अग्नि सुरक्षा की व्यवस्था तय मानकों के अनुसार बनाई जाती है. अधिक यूनिट बनने से इन व्यवस्थाओं पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है.

25 जुलाई तक मांगे गए सुझाव

नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग ने ड्राफ्ट को सार्वजनिक करते हुए नागरिकों और संबंधित पक्षों से 25 जुलाई तक सुझाव आमंत्रित किए हैं. प्रस्तावित नियमों के तहत एक मंजिल को दो या उससे अधिक फ्लैटों में बांटने की अनुमति नहीं होगी. साथ ही जोनिंग प्लान और आर्किटेक्चरल मानकों का पालन अनिवार्य रहेगा. नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई का भी प्रावधान रखा गया है.