हरियाणा में सभी गेस्ट फैकल्टी टीचर होंगे परमानेंट, हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को दिया निर्देश
दरअसल, सुखविंदर सिंह व अन्य याचिकाकर्ताओं ने हरियाणा सरकार की 18 जून 2014 की नियमितीकरण नीति के आधार पर अपनी सेवाएं नियमित करने की मांग की थी.
हरियाणा के सरकारी स्कूलों में पिछले 20 सालों से गेस्ट फैकल्टी टीचर के रूप में सेवाएं दे रहे टीचरों और लेक्चरर को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने बड़ी राहत दी है. जस्टिस संदीप मौदगिल की बेंच ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए राज्य सरकार को निर्देश दिया कि साल 2014 की नियमितीकरण नीति (Rularization Policy) के तहत याचिकाकर्ताओं की सेवाओं को नियमित किया जाए और उन्हें सभी रियायरमेंट जैसे सभी सरकारी लाभ दिए जाएं.
दरअसल, सुखविंदर सिंह व अन्य याचिकाकर्ताओं ने हरियाणा सरकार की 18 जून 2014 की नियमितीकरण नीति के आधार पर अपनी सेवाएं नियमित करने की मांग की थी.
हाईकोर्ट ने खारिज किया तर्क
याचिकाकर्ताओं का कहना था कि उन्हें वर्ष 2005-06 में सरकारी स्कूलों में रिक्त पदों पर भर्ती के लिए गेस्ट फैकल्टी और लेक्चरर के रूप में नियुक्त किया गया था. ये नियुक्तियां आवेदनों की जांच और मेरिट लिस्ट तैयार करने के बाद पूरी की गई थीं. वहीं राज्य सरकार ने अदालत में दलील दी कि याचिकाकर्ताओं की नियुक्ति केवल अस्थायी व्यवस्था के तौर पर की गई थी और वे नियमित भर्ती प्रक्रिया के तहत नियुक्त नहीं हुए थे, इसलिए वे नियमितीकरण के पात्र नहीं हैं. हालांकि हाईकोर्ट ने इस तर्क को खारिज कर दिया.