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कौन हैं सतीश गोलचा जिन्हें बनाया गया दिल्ली का नया पुलिस कमिश्नर, CM रेखा पर हमले के एक दिन बाद मिली जिम्मेदारी

साल1992 बैच के एजीएमयूटी कैडर के आईपीएस अधिकारी सतीश गोलचा, जो वर्तमान में जेल महानिदेशक के पद पर तैनात हैं. हालांकि, इससे पहले अरुणाचल प्रदेश के डीजीपी के रूप में भी काम कर चुके हैं.

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Mayank Tiwari

देश की राजधानी दिल्ली में सीएम रेखा गुप्ता के साथ घटी घटना के बाद गृह मंत्रालय ने बड़ा एक्शन लिया है. दिल्ली पुलिस की कमान संभाल रहे एसबीके सिंह की जगह पर 1992 बैच के IPS अधिकारी सतीश गोलचा को दिल्ली का नया पुलिस कमिश्नर नियुक्त किया गया है. तीन दशकों के अपने करियर में उन्होंने राष्ट्रीय राजधानी में कई महत्वपूर्ण पदों पर काम कर चुके हैं. हाल ही में, वे दिल्ली के कारागार महानिदेशक (DG Prisons) के रूप में तैनात थे, जहां उन्होंने तिहाड़ जेल, मंडोली, और रोहिणी जेलों सहित अन्य जेलों की निगरानी की.

न्यूज एजेंसी ANI की रिपोर्ट के मुताबिक, गृह मंत्रालय की ओर से जारी आदेश में "सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के साथ, साल 1992 बैच के आईपीएस सतीश गोलचा, जो वर्तमान में दिल्ली के कारागार महानिदेशक के पद पर तैनात हैं, उनको दिल्ली पुलिस आयुक्त के पद पर नियुक्त किया जाता है, जो कार्यभार ग्रहण करने की तारीख से प्रभावी होगा और अगले आदेश तक जारी रहेगा.

जानिए कौन हैं दिल्ली के नए पुलिस कमिश्नर?

आईपीएस सतीश गोलचा ने 2022 से 2023 तक अरुणाचल प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) के रूप में सेवा दी. दिल्ली लौटने पर उन्हें विशेष आयुक्त (खुफिया) और फिर कारागार महानिदेशक की जिम्मेदारी सौंपी गई. हालांकि, इससे पहले, उन्होंने स्पेशल कमिश्नर (कानून और व्यवस्था, जोन 2) और दिल्ली क्राइम ब्रांच के प्रमुख के रूप में भी काम किया. AGMUT (अरुणाचल प्रदेश, गोवा, मिजोरम और केंद्र शासित प्रदेश) कैडर से ताल्लुक रखने वाले गोलचा के लिए दिल्ली उनके गृह कैडर का हिस्सा है, जिसने उन्हें राष्ट्रीय राजधानी की सुरक्षा और प्रशासनिक चुनौतियों से निपटने का काफी अनुभव दिया.

दिल्ली की सुरक्षा के लिए नई रणनीति तैयार!

सतीश गोलचा की नियुक्ति ऐसे समय में हुई है, जब दिल्ली में हाल के सुरक्षा घटनाक्रमों ने प्रशासन पर सवाल उठाए हैं. उनका बड़ा अनुभव और मजबूत नेतृत्व दिल्ली पुलिस को नई दिशा प्रदान कर सकता है. उनकी रणनीतिक सोच और कठोर प्रशासनिक नजरिए से अपेक्षा है कि दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी.