Commonwealth Games 2026

दिल्लीवासियों को मिलने वाली है राहत! यमुना का जलस्तर तेजी से हो रहा कम

Delhi Flood: दिल्ली में पिछले कुछ दिनों से बाढ़ की स्थिति बनी हुई और तमाम लोग बेघर हो गए हैं. हालांकि, अब उनके लिए राहत भरी खबर सामने आई है और यमुना नदी का जलस्तर तेजी से घटने लगा है.

Social Media
Praveen Kumar Mishra

Delhi Flood: दिल्ली में यमुना नदी के बढ़ते जलस्तर ने कुछ दिनों तक लोगों की चिंता बढ़ा दी थी लेकिन अब राहत की खबर है. यमुना का जलस्तर तेजी से कम हो रहा है, जिससे बाढ़ की स्थिति में सुधार होने की उम्मीद है. सरकार और प्रशासन स्थिति पर कड़ी नजर रखे हुए हैं और प्रभावित लोगों की हरसंभव मदद कर रहे हैं. 

ताजा जानकारी के अनुसार यमुना नदी का जलस्तर धीरे-धीरे कम हो रहा है. गुरुवार रात को यह 206.95 मीटर था और एक दिन पहले यह अपने उच्चतम स्तर 207.48 मीटर तक पहुंच गया था. केंद्रीय जल आयोग (CWC) का कहना है कि जलस्तर में कमी का सिलसिला जारी रहेगा और जल्द ही यह खतरे के निशान से नीचे आ सकता है.

बैराज से छोड़ा गया पानी

अधिकारियों ने बताया कि हथिनीकुंड बैराज से 53,333 क्यूसेक, वजीराबाद बैराज से 1,44,390 क्यूसेक और ओखला बैराज से 2,26,433 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है. इसके कारण यमुना का जलस्तर तेजी से कम होने की उम्मीद है. दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यमुना का जलस्तर कम होने के संकेत मिल रहे हैं और जल्द ही स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में होगी. उन्होंने प्रशासन के साथ एक ऑनलाइन बैठक कर प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति का जायजा लिया. 


बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य

दिल्ली के कई इलाकों में बाढ़ का पानी अभी भी मौजूद है. लोक निर्माण विभाग (PWD) मंत्री प्रवेश वर्मा ने निगम बोध घाट और मोनेस्ट्री मार्केट जैसे प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया. उन्होंने सिविल लाइंस में जलभराव की स्थिति को बाढ़ से जोड़ने की अफवाहों का खंडन करते हुए कहा कि यह बारिश के कारण हुआ है. नालियों को बंद करने जैसे एहतियाती कदम उठाए गए हैं ताकि यमुना का पानी सड़कों पर न आए. 

राहत शिविरों में सुविधाएं

दिल्ली सरकार ने प्रभावित लोगों के लिए कई राहत शिविर स्थापित किए हैं. पूर्वी दिल्ली में 7,200 लोग प्रभावित हैं, जहां 7 शिविर बनाए गए हैं. उत्तर-पूर्वी दिल्ली में 5,200 लोग प्रभावित हैं और 13 शिविर स्थापित किए गए हैं. दक्षिण-पूर्वी दिल्ली में 4,200 लोगों के लिए 8 शिविर और उत्तरी दिल्ली में 1,350 लोगों के लिए 6 शिविर बनाए गए हैं.