गर्भ में पल रही थी जिंदगी, फिर अचानक थम गई सांसें; घरेलू हिंसा से परेशान रक्षा मंत्रालय कर्मचारी की मौत

3 महीने की प्रेग्नेंसी के दौरान रक्षा मंत्रालय में कार्यरत विवाहिता की संदिग्ध मौत से सनसनी फैल गई. मायके वालों ने ससुराल पर प्रताड़ना और हत्या का आरोप लगाया है.

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Reepu Kumari

नई दिल्ली: तीन महीने की प्रेग्नेंसी से गुजर रही रक्षा मंत्रालय में कार्यरत विवाहिता की संदिग्ध मौत ने राजधानी को झकझोर दिया है. पुलिस के अनुसार महिला ने कथित आत्महत्या की, जबकि मायके वालों ने ससुराल पक्ष पर मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना तथा हत्या का आरोप लगाया है. शिकायत दर्ज होने के बाद जांच शुरू कर दी गई है. परिवार का कहना है कि वह लगातार फोन पर अपनी पीड़ा बताती थी और गर्भावस्था के दौरान खुद को असुरक्षित महसूस.

पुलिस की प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक घटना की सूचना मिलते ही अधिकारी मौके पर पहुंचे और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई. महिला रक्षा मंत्रालय में कार्यरत थी और उसकी मौत के बाद पूरे परिवार में शोक का माहौल है. मामले की जांच विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखकर की जा रही है.

मायके वालों ने लगाए गंभीर आरोप

परिजनों का कहना है कि विवाह के बाद से महिला को ससुराल में लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान किया जाता था. शिकायत के अनुसार वह कई बार फोन पर अपने माता  पिता को रोते हुए अपनी परेशानी बताती थी और घर का माहौल असहनीय होने की बात कहती थी.


परिवार का आरोप है कि उनकी बेटी ने अपनी इच्छा से जान नहीं दी, बल्कि उसे इस स्थिति तक पहुंचाया गया. उन्होंने निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है.

प्राथमिकी में क्या कहा गया?

पुलिस ने परिवार की शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली है. जांच एजेंसियां अब उन सभी परिस्थितियों की पड़ताल कर रही हैं जो महिला की मौत से पहले सामने आई थीं.

जांच में इन बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है;

  • फोन पर हुई बातचीत का विवरण
  • परिवार और ससुराल पक्ष के बयान
  • घटनास्थल से मिले परिस्थितिजन्य साक्ष्य
  • गर्भावस्था से जुड़े चिकित्सकीय दस्तावेज

पुलिस किन पहलुओं की कर रही जांच?

अधिकारियों का कहना है कि अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी. महिला की कॉल रिकॉर्ड, डिजिटल साक्ष्य और दोनों परिवारों के बयानों का मिलान किया जाएगा. आवश्यकता पड़ने पर अन्य गवाहों से भी पूछताछ की जाएगी.

जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि महिला ने किन परिस्थितियों में यह कदम उठाया या फिर मामला किसी अन्य अपराध से जुड़ा है. फिलहाल पुलिस सभी संभावनाओं को ध्यान में रखकर आगे की कार्रवाई कर रही है.

ऐसे मामलों में कानूनी प्रक्रिया क्या होती है?

यदि किसी विवाहित महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होती है और परिवार प्रताड़ना का आरोप लगाता है, तो पुलिस शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर साक्ष्य जुटाती है. इसके बाद चिकित्सकीय रिपोर्ट, गवाहों के बयान और अन्य सबूतों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाती है.