दिल्ली में थाना दिवस की शुरुआत, अब हर शनिवार थाने में लगेगा जनता दरबार; समस्याओं का होगा समाधान
दिल्ली पुलिस ने उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू के निर्देश पर हर शनिवार सभी थानों में 'थाना दिवस-जन सुनवाई' शुरू करने का फैसला किया है. इसका मकसद आम लोगों की शिकायतें सुनना और पुलिस-जनता के बीच भरोसा बढ़ाना है.
नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने एक अहम पहल की शुरुआत करते हुए राजधानी के सभी थानों में हर शनिवार 'थाना दिवस-जन सुनवाई' आयोजित करने का एलान किया है. पुलिस कमिश्नर सतीश गोलछा द्वारा जारी सर्कुलर के तहत यह सुनवाई सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक चलेगी. उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू के निर्देशों के बाद यह कदम उठाया गया है. इस पहल के जरिए आम नागरिकों को शिकायत दर्ज कराने, सुझाव देने और पुलिस से सीधे संवाद करने का मौका मिलेगा.
अब दिल्ली का कोई भी नागरिक हर शनिवार अपने नजदीकी थाने में जाकर अपनी बात सीधे पुलिस अधिकारियों तक पहुंचा सकेगा. चाहे शिकायत छोटी हो या बड़ी, सुरक्षा से जुड़ी हो या पुलिस के कामकाज से, हर मुद्दे पर खुलकर चर्चा की जा सकेगी. यह पहल उन लोगों के लिए खास राहत है जो थाने जाने से हिचकिचाते थे या जिनकी शिकायतें अनसुनी रह जाती थीं.
सीनियर अधिकारी खुद होंगे मौजूद
इस जन सुनवाई को महज एक औपचारिकता न बनने देने के लिए सर्कुलर में यह सुनिश्चित किया गया है कि स्पेशल CP, जॉइंट CP, एडिशनल CP, DCP और ACP रैंक के वरिष्ठ अधिकारी बारी-बारी से इन सत्रों में शामिल होंगे. उनकी उपस्थिति से शिकायतों का त्वरित निपटारा होगा और लोगों को यह भरोसा मिलेगा कि उनकी बात सुनी जा रही है.
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हर शिकायत दर्ज होगी, कोई नहीं लौटेगा खाली हाथ
सर्कुलर में साफ कहा गया है कि जन सुनवाई के दौरान आने वाले हर शिकायतकर्ता की बात सुनी जाएगी, चाहे उसकी शिकायत ICMS पोर्टल पर दर्ज हो या नहीं. सुनवाई के दौरान प्राप्त शिकायतों को पहले स्वीकार किया जाएगा और बाद में सिस्टम पर अपलोड किया जाएगा. जिन मामलों में जांच जरूरी होगी, उन्हें तुरंत संबंधित अधिकारियों को सौंपा जाएगा.
जवाबदेही तय, लापरवाही पर होगी कार्रवाई
इस पहल को जमीन पर उतारने की जिम्मेदारी सीधे ज़िला DCP, ACP और SHO के कंधों पर डाली गई है. शिकायतों के निपटारे में देरी या ढिलाई बरतने पर गंभीर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है. हर पखवाड़े एक रिपोर्ट भी देनी होगी, जिसमें मिली शिकायतों, उनके निपटारे और लंबित मामलों का पूरा ब्यौरा होगा.
प्रचार से बढ़ेगी भागीदारी
ज़्यादा से ज्यादा लोग इस पहल का फायदा उठा सकें, इसके लिए थाना नोटिस बोर्ड, सोशल मीडिया, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन और बीट स्टाफ के ज़रिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा. SHO को निर्देश दिया गया है कि सुनवाई के दौरान बैठने की उचित व्यवस्था, सहायता डेस्क और नागरिक-अनुकूल माहौल सुनिश्चित किया जाए, ताकि थाने में आना लोगों के लिए सहज अनुभव बने.